विपक्ष संसद में अपनी हताशा निकाल रहा है, यह ड्रामा करने की जगह नहीं : प्रधानमंत्री मोदी

विपक्ष संसद में अपनी हताशा निकाल रहा है, यह ड्रामा करने की जगह नहीं : प्रधानमंत्री मोदी
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नयी दिल्ली, 01 दिसंबर 2025 (भाषा)

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को विपक्ष पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि संसद ‘ड्रामा’ करने की जगह नहीं है, यह काम करने की जगह है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष संसद को चुनावी हार के बाद “हताशा निकालने का मंच” बना रहा है।

संसद ड्रामा करने की जगह नहीं काम करने की जगह है : मोदी

संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले संसद परिसर में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सत्र को राजनीतिक ड्रामे का रंगमंच नहीं बनाना चाहिए, बल्कि यह रचनात्मक और परिणामोन्मुखी बहस का मंच होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विपक्ष चाहे तो वह उसे राजनीति में सकारात्मकता लाने के कुछ सुझाव देने को तैयार हैं।मोदी ने संसद की कार्यवाही बाधित करने के लिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘हमें ज़िम्मेदारी की भावना से काम करने की ज़रूरत है। संसद ड्रामा करने की जगह नहीं है, यह काम करने की जगह है।’’

मोदी ने विपक्ष की करारी हार का किया जिक्र

मोदी ने कहा कि कुछ समय से संसद का इस्तेमाल या तो चुनावों के लिए तैयारी के लिए या चुनाव में हार के बाद अपनी हताशा निकालने के लिए किया जा रहा है। बिहार चुनावों में विपक्ष की करारी हार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनावी नतीजों से विचलित है और हार को पचा नहीं पा रहा। प्रधानमंत्री ने कहा, “हार अवरोध पैदा करने का आधार नहीं बननी चाहिए, और जीत भी अहंकार में नहीं बदलनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि बिहार में रिकॉर्ड मतदान लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और विपक्ष को भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए चुनावी हार के बाद के अवसाद से बाहर आना चाहिए।

मोदी ने विपक्ष पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से विपक्ष जो “खेल” खेल रहा है, वह अब जनता को स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा, “उन्हें अपनी रणनीति बदलनी चाहिए — मैं उन्हें कुछ सुझाव देने को तैयार हूं।” उन्होंने सभी दलों से, संसद के उद्देश्य को समझने और “हार की हताशा से बाहर आने” की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ विपक्षी दलों के नेताओं के हालिया बयानों से लगता है कि वे चुनावी परिणामों को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा, “एक-दो दल हैं जो अपनी हार को स्वीकार नहीं कर पा रहे। कल मैंने जो उनके बयान सुने, उनसे ऐसा लगता है कि हार ने उन्हें बेहद परेशान किया है।”

संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हुआ और इसमें 15 बैठकें निर्धारित हैं।

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