भोपाल, 21 दिसंबर 2025 (भाषा)
कांग्रेस ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर चुनाव में ‘झूठी’ गारंटी के जरिए मध्यप्रदेश की सत्ता में आने का आरोप लगाया और कहा कि दो साल तक मुख्यमंत्री रहने के बाद भी मुख्यमंत्री मोहन यादव अपनी ही पार्टी के वादों को पूरा करने में विफल रहे हैं।
कांग्रेस का मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर आरोप
कांग्रेस ने यह आरोप मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की उस टिप्पणी की पृष्ठभूमि में लगाया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि चुनाव के समय किए गए वादों को पूरा करने में राज्यों को भारी आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
क्या है मामला?
विजयवर्गीय ने यह टिप्पणी भोपाल में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से आयोजित शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक में की थी। उन्होंने कहा था कि चुनाव के समय जितनी उम्मीद बजट को लेकर की जाती है, उतनी वास्तविकता में पूरी नहीं हो पाती और इस वजह से राज्यों को अब केंद्र सरकार की ओर देखने की मजबूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि लगभग हर राज्य की यही स्थिति है। उन्होंने कहा, ‘‘चुनावी वादों और प्रतिबद्धताओं के चलते राज्यों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। ऐसे में केंद्र सरकार की मदद से ही योजनाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है।’’
प्रदेश पर 4.65 लाख करोड़ रुपये का कर्ज
मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विजयवर्गीय की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि वे यह स्वीकार कर रहे हैं कि चुनाव के समय मतदाताओं को लुभाने के लिए ‘मोदी की गारंटी’ के नाम पर कई घोषणाएं कर दी गईं, जिन्हें अब पूरा करना संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि प्रदेश पर पहले से ही 4.65 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है और यह स्थिति तब है, जब 95 प्रतिशत से भी अधिक चुनावी वादे अधूरे पड़े हैं।
पटवारी ने किसानों को 2700 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं, 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान, प्रत्येक परिवार को एक रोजगार देने, लाडली बहनों को 3000 रुपये प्रतिमाह और आदिवासी परिवारों के लिए तीन लाख करोड़ रुपये के पैकेज देने सहित कई अन्य चुनावी वादों की याद दिलाते हुए कहा कि आज एक भी वादा धरातल पर नहीं उतरा है।
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