मप्र सुकन्या योजना : गुना में 880 से अधिक नवजात बच्चियों का सुकन्या खाता खुलवाएंगे सिंधिया

मप्र सुकन्या योजना गुना
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गुना (मध्यप्रदेश), 29 जून 2025 (भाषा)

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को अपने निजी खाते से दोगुनी राशि जमा कराकर मध्यप्रदेश के गुना लोकसभा क्षेत्र की 880 से अधिक लड़कियों का सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) खाते खुलवाए।

मप्र सुकन्या योजना : सिंधिया

केंद्रीय संचार मंत्री ने एक कार्यक्रम में कहा कि उन्होंने गुना निर्वाचन क्षेत्र में एक मई से एक साल में जन्म लेने वाली लड़कियों का व्यक्तिगत रूप से पैसा जमा करके उनका सुकन्या समृद्धि योजना खाता खोलने का फैसला किया है।

इस अवसर पर, उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह एक मई, 2025 से एक मई, 2026 के बीच पैदा हुई लड़कियों के लिए योजना के लिए आवश्यक न्यूनतम प्रारंभिक जमा राशि का भुगतान करेंगे।

सिंधिया ने कहा कि अब तक उन्होंने अपने निजी खाते से 4.30 लाख रुपये से अधिक जमा किए हैं।

एसएसवाई खाता के लिए 250 रुपये के बजाय 500 रुपये

इस अभिनव प्रयोग के तहत सिंधिया ने गुना जिले में 222, अशोकनगर जिले में 274 और शिवपुरी जिले में 390 नवजात लड़कियों का एसएसवाई खाता खोलने के लिए 250 रुपये के बजाय 500 रुपये जमा किए।

भाजपा नेता ने कहा कि राशि जमा कराने के बारे में चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि वह स्वयं इसका ध्यान रखेंगे।

उन्होंने कहा, “इस योजना के तहत जितनी भी राशि की जरूरत होगी, मैं व्यक्तिगत तौर पर अपनी तरफ से दूंगा।”

बच्चियों को सौंपे प्रमाण पत्र

कार्यक्रम के दौरान, सिंधिया ने इनमें से कुछ नवजात लड़कियों और उनके परिवार के सदस्यों से भी मुलाकात की और उन्हें योजना के प्रमाण पत्र सौंपे।

देश में 3.60 करोड़ एसएसवाई खाते

सिंधिया ने कहा कि अब तक देश में 3.60 करोड़ एसएसवाई खाते खोले गए हैं, जिनमें दो लाख करोड़ रुपये की राशि जमा की गई है। उन्होंने कहा कि अकेले गुना जिले में 20,000 खाते खोले गए हैं।

देश में 15,000 नमो ड्रोन दीदी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में 15,000 ‘ड्रोन दीदी‘ अपना काम कर रही हैं, जबकि 10 करोड़ महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत अब तक लाभ मिला है।

नमो ड्रोन दीदी एक केंद्रीय योजना है जिसका उद्देश्य महिलाओं के नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को कृषि सेवाएं प्रदान करने के लिए ड्रोन तकनीक से लैस करके सशक्त बनाना है।

उन्होंने कहा कि भारत एक अनूठा देश है जहां नागरिक उड्डयन क्षेत्र में 15 प्रतिशत महिलाएं पायलट के रूप में काम करती हैं, जबकि वैश्विक औसत 5 प्रतिशत है।

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