इंदौर में दो आईपीएस अधिकारी समेत 11 पुलिस कर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित

सांकेतिक तस्वीर
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इंदौर, 22 अप्रैल (भाषा) देश में कोविड-19 से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में से एक इंदौर के एक आला अफसर ने बुधवार को बताया कि इस महामारी के खिलाफ जारी जंग में शामिल करीब 5,000 पुलिस कर्मियों में से 11 लोग इसके संक्रमण की जद में आ गए हैं। इनमें भारतीय पुलिस सेर्वा आईपीएसी के दो अधिकारी भी शामिल हैं। 

पुलिस उप महानिरीक्षक डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्रा ने पीटीआई-भाषा से कहा, जिले भर में अब तक दो आईपीएस अधिकारी समेत हमारे 11 कर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। अस्पतालों में इनके इलाज का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा, कोविड-19 की तमाम चुनौतियों के बावजूद हमारे बल का हौसला बुलंद है। पुलिस कर्मी पहली पंक्ति के योद्धा के तौर पर इस महामारी के खिलाफ संघर्ष में जुटे हैं। 

डीआईजी ने बताया कि फिलहाल जिले के अलग-अलग स्थानों पर करीब 5,000 पुलिस कर्मी तैनात हैं। वे आम लोगों से कर्फ्यू का पालन कराने समेत अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इनमें से करीब 170 पुलिस कर्मी अलग-अलग रोकथाम क्षेत्र्रों कंटेनमेंट जोनी में तैनात हैं। इन क्षेत्रों में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी बदल-बदलकर लगाई जा रही है।

रोकथाम क्षेत्र उस रिहाइशी इलाके को कहा जाता है जहां किसी महामारी का पहला मरीज मिलते ही उसे सील कर दिया जाता है और वहां आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी जाती है।  मिश्रा ने बताया कि पुलिस को मास्क, सेनेटाइजर और निजी सुरक्षा उपकरर्णों पीपीईी की किट पर्याप्त संख्या में मिल रही है। बल के कर्मियों को कोरोना वायरस के खतरे से बचाने के लिए प्रशासनिक उपाय भी किए गए हैं। 

उन्होंने कहा, सावधानी के तौर पर हमने 50 साल से अधिक उम्र वाले और पुरानी गंभीर बीमारियों से जूझ् रहे पुलिस कर्मियों को रोकथाम क्षेत्रों की ड्यूटी से पहले ही हटा दिया है। इनकी जिले के अन्य स्थानों पर तैनाती की गई है। 

गौरतलब है कि शहर के जूनी इंदौर थाने के प्रभारी 41 वर्षीय पुलिस निरीक्षक कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे, जिनकी शनिवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पुलिस निरीक्षक हालांकि इलाज के बाद कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त हो गए थे और डॉक्टरों ने संदेह जताया है कि उनकी मौत का तात्कालिक कारण पल्मोनरी एम्बोलिज्र्म धमनी में खून का थक्का जमने से जुड़ी समस्याी है। लेकिन इस बात की भी आशंका है कि उनमें पल्मोनरी एम्बोलिज्म की समस्या कोरोना वायरस संक्रमण के कारण ही उत्पन्न हुई हो।

अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक महीने में इंदौर जिले के कुल 923 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से 52 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि 72 मरीजों को स्वस्थ होने पर अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है। इंदौर में कोरोना वायरस के मामले सामने आने के से प्रशासन ने 25 मार्च से शहरी सीमा में कर्फ्यू लगा रखा है, जबकि अन्य स्थानों में सख्त लॉकडाउन लागू है। 

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