विसर्जन के दौरान हादसा : नन्हे श्रद्धालुओं की मौत से मातमी चीत्कार में बदला त्योहारी उल्लास

विसर्जन के दौरान हादसा : नन्हे श्रद्धालुओं की मौत से मातमी चीत्कार में बदला त्योहारी उल्लास
Share this news

इंदौर/खंडवा, 03 अक्टूबर 2025 (भाषा)

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के एक तालाब में दुर्गा देवी की मूर्ति के विसर्जन के दौरान भीषण हादसे में 11 श्रद्धालुओं की मौत के बाद आदिवासी बहुल पाडलफाटा गांव में शुक्रवार को विलाप के स्वर गूंजते सुनाई दिए जहां एक दिन पहले लोग त्योहारी उल्लास में डूबकर नाचते दिखाई दे रहे थे।

चंद घंटों में खुशियां बदली मातम में

विजयादशमी के त्योहार की खुशियां चंद घंटों के भीतर मातम में किस तरह बदल गईं, इसका अंदाजा सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो से लगाया जा सकता है। इस वीडियो में गांव के लोग मूर्ति विसर्जन से पहले गरबा नृत्य स्थल पर उसी टैक्टर ट्रॉली के सामने रंग-गुलाल उड़ाते हुए नाचते नजर आ रहे हैं जिसके तालाब में समा जाने से भीषण हादसा हुआ।

7 लड़कियों समेत 11 श्रद्धालुओं की मौत

बृहस्पतिवार को मूर्ति विसर्जन के दौरान तालाब में ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से पाडलफाटा गांव की सात लड़कियों समेत 11 श्रद्धालुओं की डूबकर मौत हो गई थी। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की उम्र आठ से 25 साल के बीच थी। महज 350 लोगों की आबादी वाले पाडलफाटा गांव के घरों के सामने से जब बच्चों की अर्थियां उठीं, तो उनके माता-पिता के कलेजे फट गए और उनको संभालना ग्रामीणों के लिए बेहद मुश्किल हो गया।

सावन दांगोड़े ने लगाया प्रशासन पर आरोप

इन लोगों के अंतिम संस्कार के दौरान पाडलफाटा के युवक सावन दांगोड़े ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हादसे के बाद गांव का हर व्यक्ति गहरे शोक में डूबा है क्योंकि बड़ी तादाद में बच्चों की मौत के बाद लग रहा है जैसे हमारा भविष्य हमसे दूर चला गया है। ये बच्चे ही गांव का भविष्य थे।’’ पाडलफाटा गांव में जहां नन्हे श्रद्धालुओं की मौत को लेकर गम है, वहीं प्रशासन को लेकर थोड़ा गुस्सा भी है। दांगोड़े ने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के कारण हुए हादसे में गांव के 11 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

मध्यप्रदेश की और खबरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

About Post Author


Share this news
Advertisements