MP : इंदौर में कोरोना वायरस के पांच मरीज मिलने के बाद लॉकडाउन को कर्फ्यू में बदला गया

केरल में थाने पहुंचा युवक, कहा- मेरे बैग में नवजात शिशुओं के कंकाल हैं
Share this news

इंदौर 25 मार्च, स्थानीय अस्पतालों में भर्ती पांच मरीजों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि के बाद बुधवार को प्रशासन ने लॉकडाउन को कर्फ्यू में बदल दिया। लॉकडाउन पिछले दो दिन से लागू था। अधिकारियों ने बताया कि कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी लोकेश कुमार जाटव ने दंड प्रक्रिया संहिर्ता सीआरपीसीी की धारा 144 के तहत इंदौर की नगरीय सीमा में कर्फ्यू लगाए जाने का आदेश जारी किया। उन्होंने बताया कि यह बड़ा कदम शहर में ज्यादा से ज्यादा सामाजिक दूरी बनाने के उपायों के तहत उठाया गया ताकि कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। 

अधिकारियों ने बताया कि जन सामान्य के लिए आवश्यक और जीवन रक्षा से जुड़ी सेवाओं को कर्फ्यू के दायरे से बाहर रखा गया है। अनाज, दूध, किराना और फल-सब्जियां सरीखी रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की दुकानें बृहस्पतिवार्र 26 मार्ची से आगामी आदेश तक सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक खुली रहेंगी।

इस बीच, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जडिया ने बताया कि शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती दो महिलाओं समेत पांच मरीजों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें से किसी भी मरीज ने पिछले दिनों विदेश यात्रा नहीं की थी। यानी वे देश के भीतर ही इस घातक बीमारी की जद में आए हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आए मरीजों में शामिल 65 वर्षीय महिला पड़ोसी उज्जैन जिले की रहने वाली है। हालांकि, उसका इलाज इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में चल रहा है।

जडिया ने बताया कि कोरोना वायरस पॉजीटिव पाए गए चार अन्य मरीज इंदौर के ही अलग-अलग इलाकों में रहते हैं। इनमें 50 वर्षीय महिला, 48 वर्षीय पुरुष, 68 वर्षीय पुरुष और 65 वर्षीय पुरुष शामिल हैं। ए मरीज शहर के दो निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया, “इन पांचों मरीजों में से किसी ने भी पिछले दिनों विदेश यात्रा नहीं की थी। इनमें शामिल दो पुरुष मरीज आपस में मित्र हैं जो इसी महीने साथ में वैष्णोदेवी की तीर्थ यात्रा पर गए थे और हाल ही में लौटे हैं”  (भाषा)

About Post Author


Share this news
Advertisements