इंदौर (मध्यप्रदेश), 29 जुलाई 2025 (भाषा)
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हमले में अपने बड़े भाई को खोने वाले एक व्यक्ति ने इस आतंकी वारदात के मास्टरमाइंड के खात्मे के बाद सोमवार को कहा कि शोक से उबरने की कोशिशों में जुटे उसके परिवार को सेना की इस कार्रवाई से बड़ी खुशी और राहत मिली है।
पहलगाम हमले के ‘मास्टरमाइंड’ का खात्मा
पहलगाम हमले के ‘मास्टरमाइंड’ माने जा रहे सुलेमान उर्फ आसिफ और उसके दो साथियों को सेना के शीर्ष पैरा कमांडो ने जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के बाहरी इलाके के जंगलों में ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत सोमवार (28 जुलाई) को ढेर कर दिया।
22 अप्रैल पहलगाम हमला
दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर प्रमुख पर्यटक स्थल बैसरन में 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने हमला किया जिसमें 26 लोग मारे गए थे। मृतकों में ज्यादातर पर्यटक थे जिनमें इंदौर के सुशील नथानियल (58) भी शामिल थे।
पहलगाम हमले ‘मास्टरमाइंड’ के खात्मे पर ‘खुशी और राहत
नथानियल के छोटे भाई विकास कुमरावत ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा,‘‘हम लम्बे समय से सोच रहे थे कि पहलगाम हमले में शामिल आतंकी अब तक पकड़े क्यों नहीं गए हैं? इस हमले के मास्टरमाइंड को सेना के मार गिराए जाने की खबर से हमें बेहद खुशी और राहत महसूस हो रही है। यह कार्रवाई हमारी सरकार और सेना की विशेष उपलब्धि है।’’
कुमरावत ने हालांकि कहा कि पहलगाम आतंकी हमले में उनके बड़े भाई की मौत का जख्म उनके परिवार के लिए अब भी हरा है और परिजन इस शोक से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।
नथानियल, इंदौर से करीब 200 किलोमीटर दूर अलीराजपुर में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के प्रबंधक के रूप में पदस्थ थे। वह अपनी पत्नी जेनिफर, बेटी आकांक्षा और बेटे ऑस्टिन उर्फ गोल्डी के साथ कश्मीर घूमने गए थे।
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