आपराधिक मामलों की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग अस्थायी रूप से होगी बंद

आपराधिक मामलों की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग अस्थायी रूप से होगी बंद
Share this news

जबलपुर, 15 सितंबर 2025(भाषा)

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने सोमवार से आपराधिक मामलों की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। अदालत ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया।

लाइव स्ट्रीमिंग का सोशल मीडिया पर हो रहा दुरुपयोग

याचिका में कहा गया था कार्यवाही की ‘लाइव स्ट्रीमिंग’ का सोशल मीडिया पर दुरुपयोग किया जा रहा है और गलत तरीके से इसे पेश किया जा रहा है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने शुक्रवार को एक अंतरिम आदेश में कहा कि रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि वह सुनवाई की अगली तारीख तक आपराधिक मामलों की सुनवाई करने वाली सभी पीठों की ‘लाइव स्ट्रीमिंग’ तत्काल बंद करे।

वेबेक्स लिंक से देख सकते हैं कार्यवाही

आदेश में कहा गया है, “हालांकि, रजिस्ट्री यह सुनिश्चित करेगी कि वेबसाइट पर अप्रतिबंधित (अनरेस्ट्रिकटेड) वेबेक्स लिंक उपलब्ध कराया जाए ताकि कोई भी व्यक्ति, जो कार्यवाही देखना चाहता है, वह वेबेक्स लिंक के माध्यम से ऐसा कर सके। रजिस्ट्री यह भी सुनिश्चित करेगी कि वेबेक्स लिंक के माध्यम से रिकॉर्डिंग की सुविधा किसी भी व्यक्ति को प्रदान नहीं की जाए, जो कार्यवाही देखना चाहता है।”

15 सितंबर से लागू होगा यह आदेश

अदालत ने कहा कि यह आदेश 15 सितंबर से लागू होगा। जनहित याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता अरिहंत तिवारी ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए 25 सितंबर की तारीख तय की है।उन्होंने उच्च न्यायालय को बताया कि कई निजी संस्थाओं द्वारा रील, क्लिप और मीम बनाकर अदालती कार्यवाही की ‘लाइव स्ट्रीमिंग’ का दुरुपयोग किया जा रहा है। अरिहंत ने कहा, “मैंने अदालत को यह भी बताया कि कुछ अनुमानों के अनुसार, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ऑनलाइन कार्यवाही को देश में सबसे अधिक देखा गया था।

मध्यप्रदेश की और खबरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

About Post Author


Share this news
Advertisements