जबलपुर, 29 अक्टूबर 2025 (भाषा)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मंगलवार को कहा कि 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देश भर में एक लाख से ज्यादा ‘हिंदू सम्मेलन’ या ‘धर्मसभाएं’ की जाएंगी।
क्या है इस सम्मलेन का उद्देश्य?
संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा, “इन एक लाख ‘हिंदू सम्मेलनों’ का मुख्य उद्देश्य ‘पंच परिवर्तन’, हिंदुत्व का विस्तार, ‘कुटुंब प्रबोधन’, ‘सामाजिक समरसता’ और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा को बढ़ावा देना है।”
पंच परिवर्तन
‘पंच परिवर्तन’ संघ की एक पहल है, जो पांच प्रमुख क्षेत्रों : सामाजिक समरसता, पारिवारिक चेतना, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण जागरूकता और आत्मनिर्भरता के माध्यम से राष्ट्रीय परिवर्तन पर केंद्रित है।
30 अक्टूबर से शुरू होगी यह बैठक
आंबेकर आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की 30 अक्टूबर से शुरू होने वाली तीन दिवसीय वार्षिक बैठक से पहले पत्रकारों से बात कर रहे थे। आंबेकर ने बताया कि शताब्दी समारोह दो अक्टूबर, विजयादशमी को नागपुर में शुरू हुआ।अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत सहित कुल 406 पदाधिकारी भाग लेंगे।
संघ कार्यकर्ता शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में नवंबर से जनवरी के बीच 25 से 40 दिनों तक घर-घर जाकर अभियान चलाएंगे और इस दौरान वे लोगों को ‘पंच परिवर्तन’ के बारे में जानकारी देंगे और उन पर चर्चा करेंगे। आंबेकर ने कहा कि युवाओं को देश के लिए काम करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कार्यक्रम किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “बड़ी संख्या में युवा संघ की विचारधारा से जुड़ रहे हैं। हमारा मानना है कि अनुशासन युवाओं को सही रास्ते पर ले जाता है।”
मध्यप्रदेश की और खबरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

