📍झाबुआ, मध्यप्रदेश | 🗓 23 जून 2025 | 🖋 न्यूज़ डेस्क
मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ जिले के भामल गांव में कथित रूप से दूषित पानी पीने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक ग्रामीण बीमार पड़ गए हैं। पीड़ितों को पेटलावद और आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है।
🧪 दूषित पानी बना मौत और बीमारी की वजह
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, मृतक की पहचान नाहर सिंह (60) के रूप में हुई है, जिनकी हालत शनिवार शाम गंभीर हो गई थी। बीमार लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद तुरंत उपचार के लिए चोयल अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया।
🕵️ प्रशासनिक जांच शुरू, सैंपल लिए गए
थांदला के एसडीएम तरुण जैन ने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है और पानी के नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल कुएं से पानी लेने पर रोक लगा दी गई है।
थांदला थाना प्रभारी अशोक सिंह कनेश और पेटलावद टीआई निर्भयसिंह भूरिया मौके पर पहुंचे और स्थिति की निगरानी की।
💧 गांव के सरकारी कुएं से होता था जल आपूर्ति
बताया गया है कि यह कुआं सरकारी है और ग्रामीण पीने के पानी के लिए इसी पर निर्भर थे। शनिवार शाम को गांव में एक दर्जन से अधिक लोगों को अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत हुई, जिससे संदेह हुआ कि पानी दूषित हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि
“सभी बीमार लोगों ने एक ही कुएं का पानी पिया था, तभी हमें शक हुआ।”
🏥 सतर्कता और उपचार जारी
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और पानी के सैंपल लिए गए।
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