कटनी : लोक आस्‍था के पर्व छठ पर महिलाओं ने अस्‍ताचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्‍य, घाटों पर उमड़े श्रद्धालु

कटनी : लोक आस्‍था के पर्व छठ पर महिलाओं ने अस्‍ताचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्‍य, घाटों पर उमड़े श्रद्धालु
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डूबते सूर्य देव को दिया पहला अर्घ्य, आज उगते सूर्य को दूसरे अर्ध्य के साथ होगा पर्व का समापन 

कटनी, 28 अक्टूबर 2025 (दैमप्र)

लोक आस्था का महापर्व छठ पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। सोमवार शाम को अस्‍ताचलगामी सूर्य को अर्घ्‍य देने के लिए  घाटों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। पारंपरिक गीतों और पूजा के बीच माहौल आस्थामय नजर आया। इस मौके पर न सिर्फ आम लोगों के साथ ही राजनीतिक दलों के नेता भी भी भक्ति में सराबोर नजर आए।

घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और प्रशासन ने व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष टीम तैनात की थी।छठ पूजा की खासियत यह रही कि लोग सुबह से ही तैयारी में जुटे रहे और शाम होते ही सूर्य को अर्घ्‍य देने के लिए घाटों पर पहुंचे। सोमवार को इस पर्व के तीसरे दिन व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया।

 पिछले कुछ वर्ष से शहर में छठ पूजा का महत्व बढ़ता चला जा रहा है और शहर के कई स्थानों पर बिहार, उप्र से आकर रहने वाले परिवार धूमधाम से इस पर्व को मनाते हैं। नहाए खाय के साथ व्रत की शुरूआत हुई और एक दिन पहले खरना पूजन के बाद व्रतधारियों ने निर्जला व्रत प्रारंभ किया। व्रतधारी 36 घंटे निर्जला व्रत रखकर छठी मैया से कल्याण की कामना कर रहे हैं और उनके व्रत का समापन मंगलवार की सुबह उगते हुए सूर्य काे अर्घ्य देने के साथ समाप्त होगा। सोमवार की शाम को छपरवाह के नदी घाट में व्रतधारियों की अधिक भीड़ रही। नगर निगम की ओर से छठ पूजा को लेकर चार ओर घाटों का निर्माण कराया गया है और विशेष व्यवस्थाएं भी कराई गई। शाम को गन्ना, मौसमी फल और पूजन सामग्री लेकर व्रतधारी परिवार सहित ढोल-नगाड़ों के बीच नदी घाट पहुंचे और गन्ने का मंडप बनाकर नदी के पानी में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर उनसे कल्याण की कामना की। नदी घाट में समाज की ओर से भी विशेष व्यवस्थाएं कराई गई। साथ ही घाट के किनारे बने पार्क में मेले का भी आयोजन किया गया। शाम चार बजे से देर शाम तक नदी घाट में भीड़ रही और लोगों ने आतिशबाजी भी की। 

बाबाघाट, बजरंग कालोनी में भी उमड़ी भीड़ 

शहर के गायत्री नगर स्थित बाबाघाट में भी पूर्वांचल समिति की ओर से व्यवस्थाएं कराई जाती हैं और मेले का आयोजन किया जाता है। बाबाघाट में भी शाम को बड़ी संख्या में व्रतधारी पहुंचे और गन्ने का मंडप बनाकर मौसमी फल व घर में बनाए गए पकवानों को बांस की टोकनी व सूप में रखकर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। इसके अलावा एनकेजे क्षेत्र की बजरंग कालोनी स्थित नदी घाट में भी छठ पूजन का आयोजन किया गया। नदी घाटों में सफाई के साथ ही प्रकाश की व्यवस्था कराई गई तो वहीं सुरक्षा को लेकर कोतवाली, रंगनाथ नगर व एनकेजे थाना पुलिस नदी घाटों में मौजूद रही। नदी घाटों में जनप्रतिनिधि भी पहुंचे और व्रतधारियों को छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं। 

आज व्रत का होगा समापन  

छठ पूजा में सूर्य देव को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है। चार दिवसीय छठ पर्व के तीसरे दिन सूर्य देव और छठी मैया को संध्या का अर्घ्य देने के बाद व्रतधारी अपने घरों को वापस लौटे, जहां दीप जलाकर रातभर जागरण करके भजनों के बीच छठी मैया की आराधना की। वहीं मंगलवार की सुबह सूर्य निकलने के पहले व्रतधारी फिर से परिवार सहित नदी घाटों में पहुंचेंगे और पानी में खड़े होकर सूर्यदेव के निकलने का इंतजार करेंगे। सूर्य दर्शन होते ही दोबारा उनको अर्घ्य दिया जाएगा और कल्याण की कामना करते हुए व्रतधारी व्रत का समापन करेंगे। घर पहुंचकर लोगों का प्रसाद का वितरण किया जाएगा।

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