ई-अटेंडेंस व्यवस्था के विरोध में सड़कों पर उतरे शिक्षक, कचहरी चौराहा में किया प्रदर्शन और नरेबाजी

आरोप शासन कर रहा शिक्षकों का अपमान, एक समान लागू हो सिस्टम 
Share this news

आरोप शासन कर रहा शिक्षकों का अपमान, एक समान लागू हो सिस्टम 

कटनी, 30 जून 2025 (दैमप्र)

रविवार को पूरे प्रदेश में ई-अटेंडेंस को लेकर शिक्षकों द्वारा किये गये धरना -प्रदर्शनों में कटनी विकासखंड के शिक्षकों ने भी पुरानी कचहरी के समक्ष जमकर प्रदर्शन और नरेबाजी किया।

ई-अटेंडेंस : शिक्षकों का अपमान

गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा एक जुलाई से शालाओं में शिक्षकों की ऑन लाइन उपस्थिति के आदेश को सिर्फ शिक्षकों के लिये लागू करने से शिक्षक संवर्ग इन दिनों वेहद नाराज है। इस व्यवस्था को सभी विभाग के कर्मचारियों के लिये भी अनिवार्य किये जाने का शासन पर दबाब बनाने हेतु कटनी ब्लॉक के शिक्षकों ने सड़क पर उतर कर शासन की पक्षपात पूर्ण नीति का खुलकर विरोध किया । शिक्षकों का आरोप है कि शिक्षा विभाग में चालू की जा रही ई-अटेंडेंस शिक्षकों का अपमान है, यदि इसे तत्काल वापिस नहीं लिया जाता या सभी विभाग में एकरूपता से एक साथ लागू नहीं किया तो इसे लेकर उनका आंदोलन आने वाले समय में और तीव्र होगा। जिसकी संपूर्ण जबाबदारी अपने जिद पर अड़ी मध्यप्रदेश शासन की मानी जाएगी।ई -अटेंडेंस को शिक्षकों का अपमान बताते हुए शिक्षकों के नेतृत्वकर्ताओं में प्रवक्ता कुंवर मार्तण्ड सिंह राजपूत, जय प्रकाश हल्दकार, नवनीत चतुर्वेदी, रमाशंकर तिवारी, श्रीकांत शुक्ला, सुरजीत तिवारी,सोमनाथ साहू,रवि सिंह, देवेंद्र कुल्हाड़ा, रमेश साह, संजय मिश्रा,राजू भईया, प्रमोद गर्ग, अरुण कोल, महेन्द्र सिंह सहित अनेकों अनेक महिला पदाधिकारीयों ने भी शासन को सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला देकर आदेश को वापिस लेने का दबाब बनाया जिसमे कोर्ट द्वारा जारी अनेकों  आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है, कि इलेक्ट्रानिक उपकरण से किसी भी घटना या व्यक्ति विशेष की उपस्थिति को कदापि प्रमाणित नहीं किया जा सकता राज्य शासन ई-अटेंडेंस जो कि नित्य शिक्षकों के मोबाईल से लगना है, उसे किसी भी स्थिति में अनिवार्य नहीं कर सकता।क्योंकि शिक्षकों का मोबाइल का गुमना, टूटना, ख़राब होना, काम न करना, नेटवर्क का अभाव ,समय पर रिचार्ज न करा पाना जैसे आये दिन अनेकों  कारण बनेंगे, ज़ब शिक्षक समय पर विद्यालय पहुँचने के बाद भी अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कर पायेगा और उसे छुट्टी लेने हेतु मज़बूर होना पड़ेगा। छुट्टियां खत्म होने की स्थिति में शिक्षक को वेतन से महरूम होने से शिक्षकों का मनोबल टूटेगा ।ऐसी स्थिति में शिक्षक बच्चों को पढ़ाने लिखाने में कम बल्कि अपनी तनख्वाह पकाने में ज्यादा व्यस्त दिखाई देगा, निसंदेह इसका सीधा असर छात्र छात्राओं के भविष्य पर पड़ेगा। शिक्षकों ने इस व्यवस्था को अन्य विभागों में परीक्षण उपरांत, शत प्रतिशत सफल होने के बाद ही शिक्षकों के लिये लागू किये जाने का ज्ञापन प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार कटनी को सौंपकर अपने साथ न्याय करने की मांग की है। सभी संगठनों के शिक्षक प्रतिनिधियों ने एक स्वर में शासन से शिक्षा विभाग को तरह तरह के प्रयोगों की प्रयोगशाला बनाने से गुरेज की बात भी नारों के माध्यम से दुहराते दिखाई दिये।

शिक्षकों ने तहसीलदारों को सौंपा ज्ञापन

प्रदेश में शिक्षा विभाग मे शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेस के विरोध में बहोरीबंद व स्लीमनाबाद तहसील के शिक्षकों ने संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदारों के माध्यम से ज्ञापन सौंप कर विरोध किया है।सौपे गए ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने कहा कि सभी विभागों में इसे लागू किया जाए शिक्षको के लिए लागू कर राष्ट्र निर्माता को ही अनिवार्य क्यो किया गया है।स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के शिक्षकों के लिए “हमारे शिक्षक” एप्प के माध्यम से ई अटेंडेंस योजना प्रारंभ की जा रही है।प्रदेश का समूचा शिक्षक संवर्ग प्रदेश सरकार की मंशानुरूप लगातार अपना सर्वश्रेष्ठ देकर शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश को राष्ट्र में प्रमुख पंक्ति में लाने का प्रयास कर रहा है।इस ईमानदारी और समर्पण का सुखद परिणाम यह रहा कि बोर्ड परीक्षा परिणामों में शासकीय विद्यालयों का प्रदर्शन उत्तम रहा है।परीक्षा परिणामों के बाद आपके द्वारा सार्वजनिक रूप से शासकीय शिक्षकों के कार्यों की प्रशंसा की गई है।प्रदेश में केवल शिक्षक संवर्ग की ई अटेंडेंस योजना से हाजिरी लगने की योजना से समाज में ऐसा संदेश जा रहा है कि शिक्षक संवर्ग अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह होने के कारण उनकी ऐसी हाजिरी ली जा रही है।

शिक्षकों भर में न थोपें, सभी विभागों में लागू करें

शिक्षकों के लिए सरकार का ऐसा कदम गुरु पद की गरिमा को क्षति पहुंचाता है व मन को आहत करता है। इसलिए प्रदेश भर के शिक्षको की मांग है कि ई अटेंडेंस योजना को प्रदेश के समस्त विभागों के कर्मचारियों पर एक साथ लागू किया जाए तब तक शिक्षकों के लिए स्थगित की जाए।इस दौरान प्रद्युम्न दुबे, शिवदास यादव, अरुण दुबे,सुशील दुबे, सुनील हल्दकार,सुलोचना ठाकुर, त्रिलोक डेहरिया, मनोज हल्दकार, महेंद्र सिंह ठाकुर, बलवीर सिंह, रविंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों की उपस्थिति रही।

कटनी की और खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें

About Post Author


Share this news
Advertisements