खरगोन (मप्र), 24 जनवरी 2026 (भाषा)
मध्यप्रदेश सरकार ने खरगोन में क्रांतिकारी आदिवासी नेता टंट्या मामा की प्रतिमा स्थापना में कथित अनियमितताओं के मामले में दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई नगर पालिका में भाजपा पार्षदों द्वारा अतिरिक्त जिलाधिकारी रेखा राठौर को सौंपे गए ज्ञापन के बाद की गई।
कांस्य या धातु की प्रतिमा लगना था, फाइबर की लगा दी
ज्ञापन में कहा गया था कि टंट्या मामा की कांस्य या पत्थर की प्रतिमा के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, जबकि ठेकेदार ने कथित तौर पर 75 हजार से एक लाख रुपये मूल्य की फाइबर की प्रतिमा स्थापित कर दी।
ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग
भाजपा पार्षदों ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच कराने और ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने शुक्रवार को सहायक यंत्री मनीष महाजन और उपयंत्री जितेंद्र मेधा को निलंबित कर दिया।
अधिकारियों को किया गया तत्काल निलंबित
अधिकारी ने बताया कि आयुक्त संकेत भोंडवे द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि टंट्या मामा भील तिराहा (बिस्टान नाका चौराहा) पर प्रतिमा स्थापना के दौरान दोनों अधिकारियों को लापरवाही और कर्तव्य में गंभीर चूक का दोषी पाया गया। आदेश में कहा गया है कि यह कृत्य सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है, जिसके परिणामस्वरूप दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
नयी प्रतिमा 45 दिन के भीतर की जाएगी स्थापित
विवाद के बाद नगर पालिका ने धातु की नयी प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया है और इसके लिए नयी निविदा आमंत्रित की है। अधिकारी ने बताया कि नयी प्रतिमा 45 दिन के भीतर स्थापित की जाएगी।
इस बीच, कांग्रेस की जिला इकाई के अध्यक्ष रवि नायक ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे से आदिवासी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और यह टंट्या मामा की विरासत का अपमान है।
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