पालघर (महाराष्ट्र), 28 अगस्त 2025 (भाषा)
महाराष्ट्र में पालघर जिले के विरार में एक 4 मंजिला इमारत ढही जिसके कारण रात भर जारी रहे बचाव अभियान के दौरान तीन और शव बरामद होने के साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है।
जन्मदिन मनाते समय ढही इमारत
महाराष्ट्र में पालघर के विरार इलाके के विजय नगर में मंगलवार रात 12 बजकर पांच मिनट पर लगभग 50 फ्लैट वाला अनधिकृत चार मंजिला रमाबाई अपार्टमेंट पास के एक खाली पड़े मकान पर गिर गया। पालघर में चौथी मंजिल पर एक साल की बच्ची का जन्मदिन मनाया जा रहा था, तभी इमारत के एक हिस्से में 12 फ्लैट ढह गए, जिससे फ्लैट में रहने वाले लोग और मेहमान मलबे में दब गए। मृतकों में वह बच्ची भी शामिल है जिसका जन्मदिन घटना के समय मनाया जा रहा था।
घायलों का चल रहा इलाज
पालघर के वसई-विरार नगर निगम (वीवीएमसी) के एक अधिकारी के अनुसार, घायल हुए और बचाए गए छह अन्य लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज हो रहा है।
बचाव अभियान जारी
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग सहित आपातकालीन टीम मलबे की छानबीन कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कोई और व्यक्ति मलबे में फंसा तो नहीं है। जिलाधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मलबा हटाने का काम जारी रहेगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मलबे में कोई और व्यक्ति दबा न रह जाए। उन्होंने कहा, ‘‘काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन हम अभियान पूरा करने से पहले पूरी तरह आश्वस्त होना चाहते हैं।’’
अब तक सात मृतकों की पहचान
अधिकारियों ने बुधवार को सात मृतकों की पहचान कर ली। मरने वाले अन्य आठ लोगों की पहचान गोविंद सिंह रावत (28), शुभांगी पवन साहनी (40), कशिश पवन साहनी (35), दीपक सिंह बेहरा (25), सोनाली रूपेश तेजम (41), हरीश सिंह बिष्ट (34), सचिन नेवालकर (40) और दीपेश सोनी (41) के रूप में हुई है।
हादसे में जीवित बचे व्यक्ति का बयान
हादसे में जीवित बचे एक व्यक्ति ने बताया, ‘‘लोग (जन्मदिन की पार्टी के दौरान) नाच रहे थे और जश्न मना रहे थे, तभी अचानक पूरा ढांचा ताश के पत्तों की तरह ढह गया।’’ इसके बाद अफरा-तफरी और दहशत का माहौल था, लोग चीख-पुकार कर रहे थे और बिल्डर पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे।
बिल्डर पर लगाया सुस्ती और लापरवाही का आरोप
निवासियों ने दावा किया कि इमारत गिरने की पिछली घटनाओं के विपरीत, जहां दरारें या ढांचागत कमजोरियां पहले से ही दिखाई दे रही थीं, यहां ऐसी कोई चेतावनी के संकेत नहीं थे। स्थानीय लोगों ने बिल्डर और अधिकारियों पर ‘‘सुस्ती और लापरवाही’’ का आरोप लगाया है और कई लोगों ने इस बात की गहन जांच की मांग की है कि बिना उचित सुरक्षा उपायों के इस अनधिकृत ढांचे में इतने सारे निवासियों को कैसे रहने दिया गया।
वीवीएमसी के सहायक आयुक्त गिलसन गोंजोल्विस ने कहा, ‘‘सभी प्रभावित परिवारों को चंदनसर समाजमंदिर में अस्थायी रूप से ठहराया गया है। हम उन्हें भोजन, पानी, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।’’
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