नो किंग्स रैलियां : अमेरिका और यूरोप में ट्रंप की नीतियों व ईरान युद्ध के खिलाफ गूंजा विरोध

नो किंग्स रैलियां : अमेरिका और यूरोप में ट्रंप की नीतियों व ईरान युद्ध के खिलाफ गूंजा विरोध
Share this news

सेंट पॉल (अमेरिका), 29 मार्च 2026 (एपी)

अमेरिका और यूरोप के इलाकों में शनिवार को नो किंग्स रैलियों में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लेकर ईरान युद्ध और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कार्रवाइयों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

कम से कम 12 देशों में नो किंग्स रैलियां

85 लाख की आबादी वाले न्यूयॉर्क शहर से लेकर दो हजार से भी कम आबादी वाले ड्रिग्स कस्बे तक लोग सड़कों पर उतर आए। अमेरिका के अलावा, यूरोप, लातिन अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया समेत कम से कम 12 देशों में भी विरोध-प्रदर्शन हुए। इन आयोजनों का नेतृत्व कर रहे संगठन ‘इंडिविजिबल’ के सह-कार्यकारी निदेशक एज्रा लेविन के अनुसार, लोकतांत्रिक देशों में लोग इन प्रदर्शनों को “नो टायरंट्स” यानी “कोई तानाशाह नहीं” के नाम से जानते हैं।

रोम में सड़कों पर उतरे हजारों लोग

रोम में हजारों लोग सड़कों पर उतरे और उन्होंने प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के विरोध में बैनर भी लहराए।

हजारों लोगों ने ट्रंप की सख्त नीतियों के खिलाफ उठाई आवाज

अमेरिका का मिनेसोटा प्रांत इस आंदोलन का मुख्य केंद्र बनकर उभरा, जहां हजारों लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए ट्रंप की सख्त आव्रजन नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। सेंट पॉल में कैपिटल लॉन में आयोजित मुख्य रैली में प्रसिद्ध गायक ब्रूस स्प्रिंगस्टीन भी शामिल हुए। ब्रूस और अन्य वक्ताओं ने भीषण सर्दी के बावजूद सड़कों पर उतरकर अमेरिकी आव्रजन एजेंसी की कार्रवाई का विरोध करने के लिए प्रांत के लोगों की सराहना की।

ब्रूस स्प्रिंगस्टीन ने विरोध में प्रस्तुत किया अपना गीत

ब्रूस स्प्रिंगस्टीन ने संघीय एजेंटों की गोलीबारी में रिनी गुड और एलेक्स प्रेट्टी की मौत पर विरोध प्रकट करते हुए अपना गीत “स्ट्रीट्स ऑफ मिनियापोलिस” प्रस्तुत किया। इस गीत के माध्यम से उन्होंने गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि मिनेसोटा के लोगों द्वारा आव्रजन एजेंसी के खिलाफ किया गया प्रतिरोध पूरे देश के लिए आशा की किरण बन गया है।

उन्होंने कहा, “आपकी ताकत और प्रतिबद्धता ने हमें यह एहसास कराया कि यह अब भी वही देश है। और यह रूढ़ीवादी भयावह दौर तथा अमेरिकी शहरों में इस तरह की कार्रवाई अधिक समय तक नहीं चलेगी।”

विदेश से जुडी और ख़बरें पढने के लिए यहां क्लिक करें

About Post Author


Share this news
Advertisements