तेल अवीव / वॉशिंगटन | 22 जून 2025
ईरान-अमेरिका तनाव अब खुली जंग में बदल गया है। रविवार तड़के अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से ईरान के तीन प्रमुख परमाणु केंद्रों फोर्दो, इस्फहान और नतांज पर बंकर बस्टर बमों से हमला किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि इन ठिकानों को “पूरी तरह से नष्ट” कर दिया गया है।
🚨 हमले का उद्देश्य और दलील:
ट्रंप ने कहा कि हमला ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने के लिए किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने जवाबी हमला किया, तो और भी तीव्र हमले किए जाएंगे।
ट्रंप ने कहा,
“ईरान में या तो शांति होगी, या फिर ऐसी त्रासदी जो अब तक की सबसे घातक हो सकती है।”
📍 ईरान की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय हलचल:
- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि “हमलों के गंभीर परिणाम होंगे।”
- ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है।
- यूएन महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने बयान में कहा कि यह युद्ध पूरे क्षेत्र को खतरनाक अराजकता में धकेल सकता है।
💣 कैसे हुआ हमला?
- बंकर-बस्टर GBU-57 बम से फोर्दो और नतांज के भूमिगत केंद्रों को निशाना बनाया गया।
- टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें अमेरिकी पनडुब्बियों से दागी गईं।
- अमेरिकी वायुसेना के स्टील्थ बॉम्बर्स ने रात के अंधेरे में ईरानी हवाई क्षेत्र में ऑपरेशन पूरा कर वापसी की।
📢 इजराइल की प्रतिक्रिया:
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ट्रंप को धन्यवाद देते हुए कहा:
“इतिहास में यह एक निर्णायक क्षण है… अमेरिका ने जो किया वह दुनिया में कोई और नहीं कर सकता।”
इजराइल ने देश के हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद करने की भी घोषणा की है।
⚠️ अब आगे क्या?
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि “कार्यक्रम पर कोई असर नहीं पड़ा” और कोई विकिरण खतरा नहीं है। लेकिन ट्रंप का दावा है कि
“अब ईरान को समझौते की मेज पर आना ही होगा।”
ईरान-अमेरिका-इजराइल त्रिकोणीय तनाव ने अब दुनिया को एक और गंभीर सैन्य संघर्ष की दहलीज पर खड़ा कर दिया है। आने वाले दिन बताएंगे कि यह कदम परमाणु खतरे को कम करेगा या नई जंग की शुरुआत बनेगा।
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