रूस के सुदरू पूर्व क्षेत्र में सदियों में पहली बार ज्वालामुखी फटा

रूस के सुदरू पूर्व क्षेत्र में सदियों में पहली बार ज्वालामुखी फटा
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मास्को, 04 अगस्त 2025 (एपी)

रूस के सुदूर पूर्वी कामचटका प्रायद्वीप पर स्थित एक ज्वालामुखी रविवार रात फट गया। वैज्ञानिकों का कहना है कि सैकड़ों वर्षों में यह पहली बार हुआ है। यह विस्फोट 8.8 तीव्रता के आये भीषण भूकंप के कुछ दिनों बाद हुआ है।


आसमान में छह किलोमीटर तक उठी राख

क्रोनोट्स्की रिज़र्व के कर्मचारियों के अनुसार, क्रशेनिनिकोव ज्वालामुखी से आसमान में छह किलोमीटर तक राख उठी। सरकारी मीडिया द्वारा जारी की गई तस्वीरों में ज्वालामुखी के ऊपर राख के घने बादल उठते दिखाई दे रहे हैं। यह ज्वालामुखी क्रोनोट्स्की रिज़र्व के पास ही स्थित है।

कामचटका के आपातकालीन मंत्रालय ने विस्फोट के दौरान टेलीग्राम पर लिखा, ‘‘राख का गुबार ज्वालामुखी से पूर्व की ओर प्रशांत महासागर की ओर फैल रहा है। इसके रास्ते में कोई आबादी वाला इलाका नहीं है, और आबादी वाले इलाकों में राख गिरने की कोई सूचना नहीं है।’’


विस्फोट के साथ आया 7.0 तीव्रता का भूकंप

विस्फोट के साथ 7.0 तीव्रता का भूकंप आया और कामचटका के तीन इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई। बाद में रूस के आपातकालीन सेवा मंत्रालय ने सुनामी की चेतावनी हटा ली।


600 वर्षों में पहला ऐतिहासिक विस्फोट

कामचटका ज्वालामुखी विस्फोट प्रतिक्रिया दल की प्रमुख ओल्गा गिरिना ने रूसी सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती को बताया, ‘‘यह 600 वर्षों में क्रशेनिनिकोव ज्वालामुखी का पहला ऐतिहासिक विस्फोट है।’’ दूसरी ओर, अमेरिका स्थित स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूट के वैश्विक ज्वालामुखी कार्यक्रम ने दावा किया है कि क्रशेनिनिकोव का अंतिम विस्फोट 475 वर्ष पूर्व 1550 में हुआ था। हालांकि, रिपोर्टों की इस विसंगति का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।

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