छठ के तुरंत बाद कम से कम चरणों में कराएं विधानसभा चुनाव

छठ के तुरंत बाद कम से कम चरणों में कराएं विधानसभा चुनाव
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नयी दिल्ली/पटना, 05 अक्टूबर 2025 (भाषा)

बिहार में राजनीतिक दलों ने शनिवार को निर्वाचन आयोग से कहा कि वह छठ पर्व के तुरंत बाद विधानसभा चुनाव कराये, ताकि मतदाताओं की भागीदारी बढ़े और यह चुनाव यथासंभव कम चरण में कराये जाए।

छठ पर्व बिहार

बिहार में दिवाली के बाद मनाए जाने वाले छठ पर्व का बहुत महत्व है। यह पर्व इस साल 25 से 28 अक्टूबर के बीच मनाया जाएगा। दिवाली और छठ के दौरान, बिहार से बाहर नौकरी करने वाले अधिकतर लोग त्योहार मनाने के लिए घर लौटते हैं और ऐसा माना जाता है कि मतदाताओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए चुनाव कराने का यह सबसे अच्छा समय है।

छठ बाद कम चरणों में हों बिहार चुनाव- पार्टियां

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्त एस एस संधू एवं विवेक जोशी के साथ बातचीत में छह राष्ट्रीय और इतनी ही राज्य स्तरीय पार्टियों के प्रतिनिधियों ने कम से कम चरण में विधानसभा चुनाव कराने पर भी जोर दिया। निर्वाचन आयोग के अधिकारी बिहार में चुनाव से जुड़ी तैयारियों का जायजा लेने के लिए दो दिन के लिए पटना में हैं। बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है। पहले चरण का चुनाव छठ के तुरंत बाद अक्टूबर के अंत में होने की संभावना है।

आयोग ने वोटर एसआईआर पर सभी दलों को कहा- धन्यवाद

निर्वाचन आयोग ने कहा कि पार्टियों ने ‘‘ऐतिहासिक’’ विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने और मतदाता सूचियों को “शुद्ध” करने के लिए “धन्यवाद” दिया और चुनावी प्रक्रियाओं में अपनी आस्था और विश्वास दोहराया।

हर बूथ पर 1200 से ज्यादा वोटर नहीं

राजनीतिक दलों ने युक्तिकरण के तहत प्रति मतदान केंद्र मतदाताओं की संख्या 1500 से घटाकर 1200 करने के कदम की भी सराहना की। इससे मतदान के दिन मतदान केंद्रों पर भीड़ कम होगी। बिहार के बाद, मतदान केंद्रों को युक्तिसंगत बनाने का काम सभी राज्यों में किया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर रहेगी कड़ी नजर

राजनीतिक दलों के साथ बातचीत के बाद, आयोग ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ विधानसभा चुनाव योजना, ईवीएम प्रबंधन, ज़ब्ती, कानून-व्यवस्था, मतदाता जागरूकता और पहुंच गतिविधियों के हर पहलू पर विस्तृत समीक्षा की। निर्वाचन आयोग ने कहा कि संबंधित जिला अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर तुरंत उचित कानूनी कार्रवाई करें।

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