अरुणाचल प्रदेश में पहली बार देखा गया ‘प्लीटेड इंककैप’ मशरूम

अरुणाचल प्रदेश में पहली बार देखा गया ‘प्लीटेड इंककैप’ मशरूम
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ईटानगर, 12 जनवरी 2026 (भाषा)

अरुणाचल प्रदेश में पहली बार ‘प्लीटेड इंककैप’ के नाम से जाना जाने वाला एक अत्यंत छोटा और कागज की तरह पतला मशरूम देखा गया है। इस खोज से राज्य की समृद्ध फंगल विविधता उजागर होती है। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह मशरूम हाल ही में लोंगडिंग जिले में स्थित आईसीएआर–कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के प्रायोगिक फार्म में देखा गया।

इन नमूनों को सबसे पहले सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी (पशु विज्ञान) डॉ. तिलिंग तायो ने देखा और एकत्र किया। इसके बाद क्षेत्रीय अवलोकन और फोटोग्राफिक साक्ष्यों को विषय विशेषज्ञ (पादप रोग विज्ञान) दीप नारायण मिश्रा के साथ साझा किया गया, जिन्होंने इसकी पहचान की पुष्टि की।

मिश्रा के अनुसार, इस प्रजाति की पहचान इसकी विशिष्ट विशेषताओं के आधार पर की गई, जिनमें धूसर रंग की टोपी, पतला और नाजुक डंठल तथा ऐसे गिल शामिल हैं जो तरल रूप में नहीं बदलते।

वैज्ञानिक रूप से इसे ‘पैरासोला प्लिकैटिलिस’ कहा जाता है। यह अत्यंत अल्पजीवी मशरूम है, जिसकी आयु 24 घंटे से भी कम होती है और इसकी टोपी बेहद नाजुक व कागज जैसी पतली होती है। हालांकि यह मशरूम खाद्य नहीं है और इसका कोई व्यावसायिक महत्व नहीं है, लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार इसकी पारिस्थितिकी में भूमिका महत्वपूर्ण है।

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