पटना, 07 नवंबर 2025 (भाषा)
बिहार में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बृहस्पतिवार को 121 सीटों पर लगभग 65 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो राज्य के चुनावी इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है। इस ऐतिहासिक मतदान ने लगभग 20 वर्षों से सत्ता पर काबिज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के बीच ‘सुशासन बनाम सबको नौकरी’ की जंग को निर्णायक मोड़ पर ला दिया है।
64.66 प्रतिशत हुआ मतदान
निर्वाचन आयोग ने अपने बयान में कहा, ‘‘बिहार के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक 64.66 प्रतिशत मतदान हुआ और पूरे राज्य में मतदान शांतिपूर्ण एवं उत्सव जैसे माहौल में संपन्न हुआ।’’ बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) विनोद सिंह गुंजियाल ने कहा कि महिलाएं ‘‘काफी उत्साह’’ के साथ बड़ी संख्या में वोट डालने आईं।
भाजपा, राजद, कांग्रेस और जनसुराज ने किया जीत का दावा
भारी मतदान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, भाजपा, राजद, कांग्रेस और जनसुराज ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया।राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा, ‘‘मैं बिहार की जनता को भारी मतदान के लिए सलाम करता हूं। मैं अब पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि आपने ‘महागठबंधन’ की जीत सुनिश्चित कर दी है।’’
वरिष्ठ भाजपा नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘आज जिन सीटों पर मतदान हुआ, उनमें से लगभग 100 सीटें हम जीतने जा रहे हैं। राजग की कुल सीटें 2010 के 206 सीटों के रिकॉर्ड को पार कर जाएंगी।’’ जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने दावा किया कि सबसे ज्यादा मतदान लोगों की बदलाव की चाहत का संकेत है।उन्होंने कहा, ‘‘14 नवंबर को जब वोटों की गिनती होगी, बिहार में एक नई सरकार होगी।’’
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, ‘‘ज्यादा मतदान प्रतिशत दर्शाता है कि हमें स्पष्ट बहुमत मिलने वाला है।’’ राजग, जो पिछले दो दशकों से (कुछ अंतराल को छोड़कर) सत्ता में है, अपने ‘सुशासन’ और विकास के रिकॉर्ड पर भरोसा जता रहा है, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (राजद)-कांग्रेस गठबंधन का नेतृत्व कर रहे तेजस्वी यादव बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों के साथ अपने ‘हर घर रोजगार’ के वादे पर जनता को आकर्षित करने की कोशिश में हैं।
चुनाव 2029 के आम चुनाव से पहले जनता के रुझान का संकेतक
बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए हो रहे इन चुनावों को स्थानीय राजनीति के साथ-साथ 2029 के आम चुनाव से पहले जनता के रुझान का संकेतक भी माना जा रहा है। यह चुनाव विवादित मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद हो रहे हैं, जिसे लेकर विपक्ष ने निर्वाचन आयोग पर ‘‘धांधली’’ और ‘‘मतदाता सूची में गड़बड़ी’’ के आरोप लगाए थे।
दूसरा और अंतिम चरण 11 नवंबर को
पहले चरण के बाद दूसरा और अंतिम चरण 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। पहले चरण में कुल 1,314 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें राजद के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव, राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित कई मंत्री शामिल हैं। हालांकि, मतदान ज्यादातर शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ जगहों पर हिंसा की छिटपुट घटनाएं भी सामने आईं, जिनमें उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के वाहन पर हमला भी शामिल है।
महिलाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति राजग के लिए शुभ संकेत : मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दूसरे चरण के चुनाव क्षेत्रों में आयोजित सभाओं में कहा कि महिलाओं की बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर उपस्थिति राजग के लिए शुभ संकेत है। उन्होंने कहा, ‘‘मां, बहनें और बेटियां ‘जंगलराज’ की सबसे बड़ी पीड़ित रही हैं। आज वे मतदान केंद्रों के चारों ओर सुरक्षा कवच की तरह खड़ी हैं ताकि ‘जंगलराज’ की वापसी न हो।’’
राजग को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘सुशासन’ के साथ-साथ हाल ही में दी गई कल्याणकारी योजनाएं जैसे 125 यूनिट मुफ्त बिजली, एक करोड़ से अधिक महिलाओं को 10 हजार रुपये नकद सहायता और सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि, सत्ता विरोधी लहर को कम करने में सहायक होंगी।
विपक्ष का दावा : जनता अब बदलाव के मूड में
वहीं, विपक्ष का दावा है कि जनता अब बदलाव के मूड में है। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक भावनात्मक पोस्ट में लिखा, ‘‘रोटी अगर तवे पर नहीं पलटी जाए तो जल जाती है। बीस साल बहुत लंबा समय है, अब तेजस्वी सरकार जरूरी है ताकि बिहार को नयी दिशा मिले।’’
अन्य राष्ट्रीय खबरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

