जम्मू-कश्मीर में कुदरत का कहर, कठुआ में बादल फटने से मची तबाही, अब तक 7 की मौत

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जम्मू, 17 अगस्त (भाषा) जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में रविवार तड़के बादल फटने और भूस्खलन की दो अलग-अलग घटनाओं में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए।


जोध घाटी में पांच लोगों की मौत

जिले में रात भर हुई भारी बारिश के बीच जम्मू-कश्मीर में राजबाग के जोध घाटी गांव और और जंगलोट में यह आपदा आई। अधिकारियों ने बताया कि बादल फटने से प्रभावित जोध घाटी में पांच लोगों की मौत हो गई और गांवों तक पहुंचने का रास्ता बंद हो गया व कुछ घरों को नुकसान पहुचा हैं। बादल फटने से प्रभावित जोध घाटी में पांच लोगों की मौत हो गई और गांवों तक पहुंचने का रास्ता बंद हो गया व कुछ घरों को नुकसान पहुचा हैं।


जंगलोट इलाके में भूस्खलन में दो लोगों की गई जान

जंगलोट इलाके में बारिश के कारण हुए भूस्खलन में दो लोगों की जान चली गई। उन्होंने बताया कि जोध घाटी से पांच लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है और यहां पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय स्वयंसेवकों का संयुक्त बचाव अभियान जारी है।

कठुआ के जिला विकास आयुक्त राजेश शर्मा प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बचाव और राहत अभियान की निगरानी के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।


दिलवां-हुटली में भी भूस्खलन की घटना

कठुआ थाना क्षेत्र के बगड़ और चंगड़ा गांवों और लखनपुर थाना क्षेत्र के दिलवां-हुटली में भी भूस्खलन की घटनाएं हुई, लेकिन किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। भारी बारिश के कारण अधिकांश जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और उझ नदी खतरे के निशान के पास बह रही है।


उमर अब्दुल्ला ने किया दुख व्यक्त

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जानमाल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया और प्रशासन को लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राहत, बचाव और निकासी के उपाय करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के कार्यालय (सीएमओ) ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मुख्यमंत्री ने जोध खड्ड और जुथाना सहित कठुआ के कई हिस्सों में भूस्खलन से हुई दुखद जनहानि और क्षति पर दुख व्यक्त किया है। इस घटना में चार लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए।’’

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