भोपाल, 17 अगस्त 2025 (भाषा) कांग्रेस ने शनिवार को लंबी जद्दोजहद के बाद मध्यप्रदेश में 71 जिलाध्यक्षों की सूची जारी की, जिसमें सबसे अधिक प्रतिनिधित्व अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को मिला है।
मध्यप्रदेश में ओबीसी आबादी लगभग 49 प्रतिशत है। इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने 2003 से राज्य की कमान उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान के बाद अब मोहन यादव को सौंपी है। ये सभी ओबीसी समुदाय से आते हैं।
दिग्विजय के पुत्र और जयवर्धन सिंह को मिली जगह
पार्टी ने इसके बाद दलित और आदिवासी वर्ग को तवज्जो दी है। वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के विधायक पुत्र और राज्य के पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह को गुना जिले का अध्यक्ष बनाया है, जहां से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ताल्लुक रखते हैं। जयवर्धन के अलावा मध्यप्रदेश के तीन अन्य पूर्व मंत्रियों– ओंकार सिंह मरकाम को डिंडौरी जिलाध्यक्ष, प्रियव्रत सिंह को राजगढ़ का अध्यक्ष और हर्षविजय गहलोत को रतलाम ग्रामीण का अध्यक्ष बनाया गया है।
सूची में सिर्फ चार महिलाओं को ही मिली जगह
दिलचस्प बात यह है कि सूची में सिर्फ चार महिलाओं को ही जगह मिली है। विजयलक्ष्मी तंवर को आगर मालवा, प्रतिभा रघुवंशी को खंडवा शहर, सुनीता पटेल को नरसिंहपुर और सरस्वती सिंह मरकाम को सिंगरौली ग्रामीण का अध्यक्ष बनाया गया है।
दो मुस्लिम, दो जैन और एक सिख समुदाय के नेता को भी जगह
इस सूची में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के बड़ी संख्या में नेताओं को जगह मिली है। सूची में दो मुस्लिम, दो जैन और एक सिख समुदाय के नेता को जगह मिली है।
ग्यारह पूर्व विधायकों को बनाया गया जिलाध्यक्ष
ग्यारह पूर्व विधायकों को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले आरिफ इकबाल सिद्दीकी को सतना में मकसूद अहमद की जगह शहर प्रमुख बनाया गया है। कुल मिलाकर पार्टी ने 18 जिलाध्यक्षों को बरकरार रखा है, जिनमें बड़वानी से ननेश चौधरी, खरगोन से रवि नायक, झाबुआ से प्रकाश रांका, शाजापुर से नरेश्वर प्रताप सिंह, उज्जैन शहर से मुकेश भाटी, विदिशा से मोहित रघुवंशी और सीहोर से राजीव गुजराती शामिल हैं।
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