भोपाल, 07 जनवरी 2026 (भाषा)
संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या का प्रयास करने के चलते राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 24 दिनों तक भर्ती रहने के बाद इस संस्थान की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर रश्मि वर्मा की मौत हो गई।
एम्स के आपातकालीन एवं ट्रॉमा विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर वर्मा गत 11 दिसंबर से एम्स के ही गहन देखभाल इकाई (आईसीयू) में वेंटिलेटर पर थीं और वह विशेषज्ञों की निगरानी में थीं। एम्स के एक अधिकारी ने बताया, “तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।”
गोरखपुर और प्रयागराज से शिक्षा प्राप्त वर्मा ने कथित तौर पर एनेस्थीसिया की हाई डोज ली थी। वर्मा प्रशासनिक दबाव और बार-बार जारी होने वाले नोटिस से परेशान थीं।
अधिकारी ने बताया कि वर्मा को अस्पताल लाए जाने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें सीपीआर दिया, जिससे उनकी धड़कन तो लौट आई लेकिन मस्तिष्क तक ऑक्सीजन न पहुंचने के कारण उनका मस्तिष्क गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त (ग्लोबल हाइपोक्सिया) हो गया था।
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