इंदौर पेयजल त्रासदी : युवा कांग्रेस ने घंटी बजाकर विरोध जताया, 21 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए

इंदौर पेयजल त्रासदी : युवा कांग्रेस ने घंटी बजाकर विरोध जताया, 21 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
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इंदौर (मध्यप्रदेश), 03 जनवरी 2026 (भाषा)

युवा कांग्रेस ने इंदौर पेयजल त्रासदी के खिलाफ शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय के सामने उग्र प्रदर्शन किया और पुलिस ने 21 प्रदर्शनकारियों को एहतियातन हिरासत में ले लिया।

इस्तीफा और मुआवजे की मांग

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में सामने आई दूषित पेयजल त्रासदी प्रशासनिक लापरवाही और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भ्रष्टाचार का परिणाम है। उन्होंने इस त्रासदी में मारे गए लोगों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय तथा महापौर पुष्यमित्र भार्गव से तत्काल इस्तीफा लेने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की।

21 लोग हिरासत में

पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेश व्यास ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि प्रदर्शनकारियों के कथित उग्र रवैये के चलते 21 लोगों को एहतियातन हिरासत लिया गया जिनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने साथ धातु का एक बड़ी घंटी लेकर पहुंचे थे जिसे बजाकर उन्होंने दूषित पेयजल त्रासदी को लेकर विरोध जताया। चश्मदीदों ने बताया कि एक पुलिस कर्मी ने प्रदर्शनकारियों से घंटी छीन ली और वह इसे पास ही स्थित एमजी रोड पुलिस थाने में ले गया।

प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर घंटी जब्त किए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। इस वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार रात एक टीवी पत्रकार द्वारा पेयजल त्रासदी के बारे में सवाल पूछे जाने पर कैमरे के सामने ‘घंटा’ शब्द का इस्तेमाल करके विवाद खड़ा कर दिया था। आम बोलचाल में मोटे तौर पर इस शब्द का अर्थ बकवास के रूप में समझा जाता है।

दूषित पेयजल के कारण 10 मरीजों की मौत

इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें दूषित पेयजल के कारण फैले डायरिया के प्रकोप से 10 मरीजों की मौत की जानकारी मिली है, जबकि राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के सामने पेश ताजा स्थिति रिपोर्ट में कहा है कि उसे अब तक इस प्रकोप में दो महिलाओं समेत चार बुजुर्गों की मौत की सूचना मिली है। उधर, स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप के कारण छह माह के बच्चे समेत 15 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। इस दावे की राज्य सरकार ने पुष्टि नहीं की है।

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