इंदौर, 9 जुलाई 2025 (भाषा)
देश के 10 केंद्रीय श्रमिक संगठनों की ओर से बुधवार को बुलाई गई राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान मध्यप्रदेश में करीब 8,700 बैंक शाखाओं में काम-काज ठप रहा और इससे अलग-अलग बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुईं।
प्रदेश के 40,000 कर्मचारी हड़ताल पर
‘मध्यप्रदेश बैंक एम्प्लॉयीज एसोसिएशन’ (एमपीबीईए) के अध्यक्ष मोहनकृष्ण शुक्ला ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘सूबे की लगभग 8,700 बैंक शाखाओं के करीब 40,000 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। इनमें 11 सरकारी बैंक और कुछ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) के कर्मचारी शामिल हैं।’’
उन्होंने बताया कि हड़ताल से इन बैंक शाखाओं में धन जमा करने और निकालने के साथ चेक निपटान, सावधि जमा (एफडी) योजनाओं का नवीनीकरण, सरकारी खजाने से जुड़े काम और अन्य नियमित कार्य प्रभावित हुए।
शुक्ला ने मांग की कि सरकारी बैंक के निजीकरण और विनिवेश की प्रक्रिया बंद की जानी चाहिए और बैंक कर्मचारियों के बड़ी संख्या में खाली पदों पर तुरंत भर्ती की जानी चाहिए।
श्रमिक संगठनों की मांगें:
- चार नयी श्रम संहिताओं को खत्म करना
- ठेका प्रणाली समाप्त करना
- सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण बंद करना
- न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 26,000 रुपये प्रति माह करना
इस बीच, सूबे की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में हड़ताल के दौरान जन-जीवन सामान्य रहा। शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था आम दिनों की तरह ही नजर आई और अधिकांश आवश्यक सेवाओं पर कोई भी असर नहीं देखा गया।
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