कटनी : युवक की मौत के मामले में कार्रवाई व बड़वारा थाना प्रभारी के निलंबन को लेकर 3 घंटे चक्का जाम

कटनी : युवक की मौत के मामले में कार्रवाई व बड़वारा थाना प्रभारी के निलंबन को लेकर 3 घंटे चक्का जाम
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 21-22 अक्टूबर की रात विलायत कला रेलवे स्टेशन के झरेला के पास लाइन पर संदिग्ध अवस्था में मिली थी शनि बर्मन की लाश 

कटनी, 09 दिसंबर 2025 (दैमप्र)

बड़वारा के ग्राम खरहटा निवासी शनि बर्मन की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की लचर भूमिका से नाराज परिजन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण सोमवार को कटनी-शहडोल मार्ग विकासखंड मुख्यालय बड़वारा में करीब तीन घंटे तक चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी बड़वारा थाना प्रभारी के निलंबन को लेकर और मृतक को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले आरोपियों के खिलाफ तत्काल निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। लोगों में पुलिस खासकर थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली को लेकर काफी आक्रोश देखा गया।

क्या है मामला?

दरअसल बड़वारा थाना क्षेत्र के खरहटा निवासी शनि बर्मन पिता गोरे लाल बर्मन 23 वर्ष की लाश 21-22 अक्टूबर की रात विलायत कला रेलवे स्टेशन के झरेला के पास लाइन पर संदिग्ध अवस्था में मिली थी। शुरू से ही, परिजनों ने शनि की मौत को सामान्य आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए, हत्या या फिर आत्महत्या के लिए उकसाने का संदेह व्यक्त किया था।

मृतक के परिजन और ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन

सोमवार को मृतक के परिजन और खरहटा के बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट हुए और न्याय न मिलने के विरोध में बड़वारा नगर में कटनी-शहडोल मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। मृतक के पिता गोरेलाल बर्मन ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि घटना की तारीख को उनके बेटे शनि के साथ गांव के ही कुछ व्यक्तियों ने मारपीट की थी, जिसके बाद उसने कथित तौर पर यह घातक कदम उठाया। गोरेलाल बर्मन ने गांव के सात व्यक्तियों पर आरोप लगाया है, जिनमें रामदीन बर्मन, भगवान दास बर्मन, धन्नू साहू, अर्जुन बर्मन, शम्भू बर्मन, और सुदामा बर्मन शामिल हैं।

घटना की निष्पक्ष जांच की मांग

शनि के शरीर पर कहीं भी खरोंच के निशान नहीं थे, केवल शरीर से धड़ अलग था। घटना के बाद उसके मोबाइल फोन से सारे साक्ष्य हटा दिए गए थे। जबकि एक युवती ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था जिसमें उसने स्वयं स्वीकार किया था कि मेरे घर वालों के कारण शनि बर्मन की मौत हुई है। ये सभी तथ्य घटना को संदिग्ध बना रहे हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि वे घटना के बाद से लगातार बड़वारा थाना जाकर मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन बड़वारा थाना प्रभारी के.के. पटेल ने आज तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की।

प्रदर्शनकारियों ने की थाना प्रभारी के निलंबन की मांग

इसी लापरवाही के कारण ग्रामीणों को मजबूर होकर विरोध प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतरना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ बड़वारा थाना प्रभारी के.के. पटेल को तत्काल निलंबित करने की भी मांग की है। करीब 3 घंटे से चल रहे विरोध प्रदर्शन को खत्म करने के लिए एसडीओपी मौके पर पहुंचीं। उनके समझाइश और निष्पक्ष कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजनों ने प्रदर्शन समाप्त किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राघवेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने 10 दिन के भीतर मामले पर उच्च स्तरीय जांच करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं की गई, तो हजारों की संख्या में लोग एसपी कार्यालय का घेराव करेंगे।

इनका कहना है 

मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। घटना के हर बिंदु पर बारीकी से जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

 संतोष कुमार डेहरिया

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

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