उत्पादकों ने शासन से की आर्थिक सहायता व बीमा सुविधा की मांग
कटनी, 05 जनवरी 2026 (दैमप्र)
अत्यधिक ठंड पड़ने से उमरियापान क्षेत्र के पान उत्पादकों की पान की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। इससे पान उत्पादकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इस संबंध में पान उत्पादक किसानों ने तहसील मुख्यालय उमरियापान पहुंचकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
पान उत्पादक चंद्रकांत चौरसिया,गया प्रसाद चौरसिया, प्रदीप चौरसिया, जगन्नाथ चौरसिया,राधिका चौरसिया,राकेश चौरसिया, मनोज चौरसिया, भल्लू चौरसिया ने बताया गया कि ठंड के कारण पान की पूरी फसल खराब हो गई है, जिससे उत्पादकों की आजीविका पर संकट आ गया है। पान उत्पादकों ने मांग है कि फसल क्षति को देखते हुए शासन द्वारा तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने के निर्देश जारी किए जाएं।
पान उत्पादक कमलेश चौरसिया, दीपचंद चौरसिया,वीरेन्द्र चौरसिया, कृष्णकुमार चौरसिया,राजेश चौरसिया ने कहा कि विगत वर्षों में उद्यानिकी विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त पान उत्पादकों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जोड़ने हेतु भोपाल बुलाकर चर्चा की थी और प्रीमियम जमा करने का सुझाव दिया गया था, लेकिन आज तक पान फसल को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से नहीं जोड़ा गया है। उन्होंने शासन से पान फसल को फसल बीमा योजना में शामिल करने की मांग की है। पान उत्पादकों ने कहा कि पान फसल पर हुई क्षति के एवज में सभी पान उत्पादकों को बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे दोबारा उत्पादन शुरू कर सकें। इसके साथ ही राजस्व पुस्तक परिपत्र में प्राकृतिक आपदा की स्थिति में प्रति पारी 500 रुपये की सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान होने के बावजूद आज तक किसी भी पान उत्पादक को यह सहायता नहीं मिल पाई है। पान उत्पादकों ने पूर्ण क्षति होने पर सहायता राशि दिए जाने की मांग की है।
पान उत्पादक सुदामा चौरसिया, विजय चौरसिया,नरेश चौरसिया, राजेश चौरसिया, रामेश्वर चौरसिया और सुभाषचंद्र चौरसिया ने बताया कि शासन द्वारा पान उत्पादन बढ़ाने के लिए उद्यानिकी विभाग के माध्यम से विभिन्न सुझाव दिए गए, लेकिन वर्तमान में प्राकृतिक आपदा से फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। बची हुई फसल को लेने के लिए कोई तैयार नहीं है।ऐसे में दोबारा उत्पादन के लिए उत्पादकों के पास कोई संसाधन नहीं बचा है।
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