तीन नवीन अपराधिक कानूनों के 1 वर्ष पूर्ण होने पर कार्यशाला आयोजित
कटनी 2 जुलाई 2025 (दैमप्र)
1 जुलाई को भारतीय न्याय व्यवस्था में लागू हुए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता जैसे नए आपराधिक कानूनों को एक वर्ष पूर्ण हो गया है। यह वर्ष डिजिटल युग में पुलिस व न्याय प्रणाली के तकनीकी सशक्तिकरण के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।
नवीन कानून न्याय व्यवस्था : कटनी पुलिस
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने कार्यशाला में उपस्थित पुलिस विभाग के अधिकारी कर्मचारियों,ग्राम नगर रक्षा समिति के सदस्यों तथा नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि पुराना कानून दंड पर आधारित था किंतु 1 जुलाई 2024 से लागू नवीन कानून न्याय आधारित है। जिसका उद्देश्य न्याय की पहुंच पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है। समय के साथ कानून में और अधिक तकनीकी, डिजिटल विकास होंगे एवं सामाजिक परिवर्तन की अनुरूप कानून में नए संशोधन होंगे जिसके लिए केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा इस दिशा में भविष्य में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।
ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों को संबोधित करते हुए पुलिस कप्तान ने कहा की ग्राम रक्षा समितियां का महत्वपूर्ण योगदान शहर एवं ग्राम की शांति व्यवस्था बनाए रखने में होता है। वह पुलिस विभाग के की क्रियाकलापों में जैसे त्योहार आदि अवसरों पर पुलिस बल के साथ ड्युटीयो निभाने में, भीड़ व्यवस्था, बाजार व्यवस्था, कानून व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों का पालन करने में भी एक महत्वपूर्ण स्तंभ साबित होता है।
7 वर्ष से कम सजा के अपराध में सीधे गिरफ्तारी नहीं
नए आपराधिक कानून में ई- एफआईआर की सुविधा प्रदान की गई है। जिससे कोई भी आमजन कही से भी मोबाइल के माध्यम से ई- एफआईआर कर सकता है। MP Police Website/MP COP App/ Citizen Portal से ई-एफआईआर दर्ज की जा सकती है।किसी भी थाने में ई- एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है जिसे आवश्यकता अनुसार जीरो पर दर्ज कर संबंधित थाने को स्थानांतरित किया जाता है।
15 वर्ष से कम एवं 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी से पूर्व पुलिस को अनुमति लेना आवश्यक होगा।7 वर्ष से कम सजा के अपराध में पुलिस द्वारा सीधे गिरफ्तारी नहीं की जाती है।
49 प्रकरणों में अपराधी को सजा मिली
विगत 1 वर्ष में नवीन आपराधिक कानून के तहत कटनी जिले में कुल 3548 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। जिसमें से 1463 के चालान माननीय न्यायालय में पेश किए गए । जिसमें से अभी तक 49 प्रकरणों में अपराधी को सजा दिलाने में कटनी पुलिस को कामयाबी मिली है। पिछले एक वर्ष में नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन एवं डिजिटल एकीकरण से न्यायिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी, त्वरित व जवाबदेह बनी है। कटनी पुलिस तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाते हुए जनहित में कार्यरत है।
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