सिवनी (मध्यप्रदेश), 10 अक्टूबर 2025 (भाषा)
मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के नौ पुलिसकर्मियों को एक चार-पहिया वाहन से महाराष्ट्र भेजी जा रही 1.45 करोड़ की हवाला लूट के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह अपराध तब प्रकाश में आया जब चालक और पैसे भेजने वाले एक व्यापारी ने पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस महानिरीक्षक (जबलपुर) प्रमोद वर्मा ने जांच के आदेश दिए।
कटनी से महाराष्ट्र ले जाई जा रही थी नकदी
सिवनी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुनील कुमार मेहता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बुधवार रात जांच अभियान के दौरान, बंडोल थाना प्रभारी और एसडीओपी (उप-विभागीय पुलिस अधिकारी) कार्यालय के कर्मचारियों ने सिलादेही के जंगल में एक चार-पहिया वाहन को रोका। पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की, जिसे मध्यप्रदेश के कटनी से महाराष्ट्र के जालना ले जाया जा रहा था। हालांकि, गाड़ी को जब्त करने के बजाय, उन्होंने चालक के साथ मारपीट कर उसे भगा दिया और नकदी हड़पने की कोशिश की।
नौ पुलिसकर्मियों को किया निलंबित
पुलिस टीम ने हवाला के पैसों के बारे में अपने वरिष्ठों को भी सूचित नहीं किया। पैसा गंवाने वाला व्यापारी बृहस्पतिवार सुबह कोतवाली थाने पहुंचा तब मामला सामने आया। जब पुलिसकर्मियों पर लगे गंभीर आरोप जबलपुर और भोपाल में उच्च अधिकारियों तक पहुंचे, तो नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। यह भी दावा किया जा रहा है कि गाड़ी में 2.96 करोड़ रुपये से ज्यादा थे।
तीन दिन के भीतर रिपोर्ट की मांग
गाड़ी में मिली रकम की सही मात्रा जांच के बाद ही पता चलेगी। घटना की जांच जबलपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष गुप्ता को सौंपी गई है। मेहता ने बताया कि आईजी ने तीन दिन के भीतर घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आईजी प्रमोद वर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सिवनी एसडीओपी कार्यालय में तैनात नगर पुलिस अधीक्षक पूजा पांडे के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस मुख्यालय, भोपाल को प्रस्ताव भेजा गया है।
निलंबित पुलिसकर्मियों की पहचान
बंडोल थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अर्पित भैरम, प्रधान आरक्षक माखन और रवींद्र उइके, आरक्षक जगदीश यादव, योगेंद्र चौरसिया, रितेश (चालक), नीरज राजपूत, केदार और सदाफल के रूप में हुई है।
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