भोपाल, 04 फरवरी 2026 (भाषा)
मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में एक बाघ और एक बाघिन की करंट लगने से मौत हो जाने के मामले में मंगलवार को दो किसानों सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। दोनों बाघ-बाघिन सोमवार को मृत मिले थे।
करंट से बाघ गंवा रहे जान
शहडोल उत्तर संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) तरुणा वर्मा ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘आरोपियों ने मुख्य रूप से जंगली सूअरों को पकड़ने के लिए बिजली के जाल बिछाए थे।’’ उन्होंने कहा कि हालांकि, करीब छह साल की एक बाघ और करीब सात साल की बाघिन खेतों में बिछाए गए जाल में फंस गई और उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम में पुष्टि हुई है कि दोनों बाघों की मौत का कारण करंट लगना ही था।
वर्मा ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला है कि सोमवार को दोनों बाघ-बाघिन के मृत पाये जाने से लगभग 48 से 72 घंटे पहले उनकी मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि इन दोनों मृत बाघ-बाघिन से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है और इस वजह से अवैध शिकार करने की कोई संभावना नजर नहीं दिखती।
घटनास्थल पर पाए गए बाघ के पैरे के निशान
बाघिन के शावक होने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने कहा कि घटनास्थल के पास एक बाघ के पैर के निशान पाए गए हैं। उन्होंने कहा, “पैर के निशान तीन से चार दिन पुराने प्रतीत होते हैं।” उन्होंने कहा कि वन विभाग के दस्ते शावक का पता लगाने के लिए आसपास के क्षेत्र की खोज कर रहे हैं। वर्मा ने कहा कि दो किसानों समेत सात आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया गया। उन्होंने कहा कि अदालत ने उन्हें 15 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
आरोपियों की पहचान:
- सरमन यादव (38)
- मोरनलाल यादव (43)
- राजेश यादव (49)
- रामभगत यादव (37)
- मातादीन यादव (27)
- जमुना सिंह गोंड (66)
- रामचरण सिंह गोंड (59)
एक अधिकारी ने बताया कि इन मौतों के साथ ही इस साल राज्य में बाघों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है।
मध्यप्रदेश की और खबरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

