‘वोट चोरी’ का नया हथियार है एसआईआर, ‘एक व्यक्ति एक वोट’ के अधिकार की रक्षा करेंगे : राहुल

'वोट चोरी' का नया हथियार है एसआईआर, 'एक व्यक्ति एक वोट' के अधिकार की रक्षा करेंगे : राहुल
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औरंगाबाद, 18 अगस्त 2025 (भाषा)

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को “वोट चोरी का नया हथियार” करार दिया और कहा कि वह ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के अधिकार की रक्षा के लिए खड़े हैं। राहुल गांधी ने अपनी “वोटर अधिकार यात्रा” के दूसरे दिन यह भी कहा कि लोकतंत्र में सबकी भागीदारी को किसी भी हाल में खत्म नहीं होने दिया जाएगा।


दूसरे दिन की यात्रा कुटुंबा से हुई शुरू

राहुल गांधी ने दूसरे दिन की यात्रा औरंगाबाद के कुटुंबा से शुरू की और आज की यात्रा का समापन गया में होगा। कुटुंबा बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार का विधानसभा क्षेत्र है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के साथ इस यात्रा में राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी और महागठबंधन के कई अन्य नेता शामिल हैं। यात्रा के दौरान राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने औरंगाबाद स्थित प्रसिद्ध देव सूर्य मंदिर में दर्शन किए।


एसआईसीआर वोट चोरी का एक नया हथियार : राहुल गांधी

कांग्रेस नेता ने कहा, “एसआईसीआर वोट चोरी का एक नया हथियार है। इत्तेफ़ाक से इस तस्वीर में मेरे साथ खड़े ये लोग इस चोरी के ‘जीते-जागते’ सबूत हैं।” उन्होंने कहा कि इन सभी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में वोट डाला था, मगर बिहार विधानसभा चुनाव आते आते भारत के लोकतंत्र से इनकी पहचान, इनका वजूद मिटा दिया गया।

गांधी ने लोकसभा चुनाव के मतदाताओं से की मुलाकात

राहुल गांधी ने ऐसे कई लोगों से मुलाकात की एक तस्वीर अपने व्हाट्सएप चैनल पर साझा की जिनके नाम एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से काट दिए गए, जबकि उन्होंने लोकसभा चुनाव में वोट डाला था। कांग्रेस नेता ने किसान एवं सेवानिवृत्त फौजी राज मोहन सिंह (70) , दलित महिला उमरावती देवी (35) , पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखने वाले धनजेय कुमार बिंद (30) , मनरेगा में मजदूर रहीं सीता देवी (45), महिला एवं पूर्व मनरेगा मज़दूर राजू देवी (55) और मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखने वाले मजदूर मोहमुद्दीन अंसारी (52) से मुलाकात की।


गांधी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर लगाया आरोप

उनके मुताबिक, इनके नाम मतदाता सूची में नहीं हैं, जबकि लोकसभा चुनाव में इन्होंने मतदान किया था। गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत इन्हें बहुजन और गरीब होने की सज़ा दे रही है। उन्होंने कहा, “हमारे जवानों तक को नहीं छोड़ा – न वोट रहेगा, न पहचान रहेगी, और न ही अधिकार।”

राहुल गांधी ने कहा कि सामाजिक भेदभाव और आर्थिक परिस्थितियों के कारण ये सब ‘सिस्टम’ के षड़यंत्र के विरुद्ध लड़ पाने में असमर्थ हैं। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘उनके साथ हम यहां खड़े हैं ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के सबसे मूल अधिकार की रक्षा करने के लिए।”

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