वाराणसी (उप्र), 02 फरवरी 2026 (भाषा)
बरेली के नगर मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद सुर्खियों में आए 2019 बैच के प्रांतीय प्रशासनिक सेवा (पीसीएस) अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने रविवार को घोषणा की कि यदि केंद्र सरकार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम वापस नहीं लेती है तो वह सात फरवरी से दिल्ली में सवर्ण समाज के संगठनों के साथ आंदोलन करेंगे।
कानून खत्म नहीं हुआ तो होगा राष्ट्रव्यापी आंदोलन
इस्तीफा देने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निलंबित किए गए पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री रविवार शाम वाराणसी के केदार घाट स्थित श्रीविद्या मठ पहुंचे, जहां उन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। यहां उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार छह फरवरी तक एससी-एसटी अधिनियम को वापस नहीं लेती है तो वह सात फरवरी को सवर्ण समाज के संगठनों के साथ दिल्ली में आंदोलन करेंगे।
शंकराचार्य से मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर अग्निहोत्री ने कहा कि यह भेंट एक शुभ संयोग है और इसका कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे पहले शंकराचार्य ने उन्हें प्रयागराज में मिलने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन समय के अभाव में वह नहीं जा सके थे। काशी आगमन के दौरान उनसे मुलाकात का अवसर मिला।
95 प्रतिशत शिकायतें फर्जी होने का आरोप
उन्होंने यह भी दावा किया कि एससी/एसटी कानून के 95 प्रतिशत मामले फर्जी होते हैं और पूरे देश के सवर्ण समाज के संगठन उनके साथ खड़े हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को अनुशासनहीनता के आरोप में 26 जनवरी की देर रात निलंबित कर दिया था। इससे पहले उन्होंने 26 जनवरी को दिन में सरकार की नीतियों, विशेषकर यूजीसी के नए नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े एक मामले को लेकर नाराजगी जताते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर विवाद खड़ा हो गया।
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