बेंगलुरु, 30 अप्रैल 2026 (भाषा)
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बुधवार को भारी बारिश के कारण बोरिंग और लेडी कर्जन अस्पताल परिसर की दीवार ढहने से एक बच्चे सहित सात लोगों की मौत हो गई जबकि सात अन्य घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस और आपातकालीन सेवा कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय निवासियों की मदद से मलबे से शवों को बाहर निकाला।
कैसे हुआ हादसा?
पुलिस ने बताया कि तेज बारिश, तूफानी हवाओं और ओलावृष्टि के कारण इलाके में भारी तबाही मची, उसी दौरान एक दीवार के अचानक गिरने से उसके पास शरण लिए हुए लोग मलबे में दब गए जिनमें से सात की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतकों के परिजनों को मिलेगा 5-5 लाख रुपये मुआवजा
मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘सात लोगों की मौत हो गई है। सात अन्य लोग घायल हुए हैं। सभी की हालत स्थिर है। सभी खतरे से बाहर हैं। मैंने चिकित्सकों को निर्देश दिया है कि वे सभी का इलाज मुफ्त में करें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रत्येक मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। दुर्भाग्यवश, जान गंवाने वाले बहुत गरीब रेहड़ी-पटरी वाले हैं।’’
परिसर के भीतर चल रहा था निर्माण कार्य
सिद्धरमैया ने कहा कि दीवार ढहने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात की जांच करेंगे कि क्या अभियंताओं की गलती है। यदि वे दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।’’ मुख्यमंत्री के अनुसार, परिसर के भीतर निर्माण कार्य चल रहा था। ठेकेदार परिसर की दीवार के सहारे मिट्टी डाल रहा था। उन्होंने कहा कि डाली गई मिट्टी के दबाव के कारण दीवार ढह गई होगी।

दबाव के कारण गिरा ढांचा – सिद्धरमैया
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि यह उस दबाव के कारण गिरा है। इसलिए मैंने अभियंताओं – कार्यकारी इंजीनियर और सहायक कार्यकारी इंजीनियर – से पूछा है कि क्या उन्होंने यह जांच की थी कि यह कमजोर हुआ था या नहीं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को भी भारी और असमय बारिश की जानकारी नहीं थी, और यह मानसून से पहले की बारिश थी।
उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने किया घटनास्थल का दौरा
उपमुख्यमंत्री और बेंगलुरु के प्रभारी मंत्री डी.के. शिवकुमार हादसे के समय दक्षिण बेंगलुरु के कनकपुरा में थे। वह भी बेंगलुरु पहुंचे और घटनास्थल का दौरा किया। शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा कि बारिश शुरू होने पर कुछ लोगों ने दीवार के सहारे शरण ली, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘इस घटना के बारे में जानकर मुझे गहरा दुख हुआ है। ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए थीं। कई पेड़ गिर गए हैं और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मैं अधिकारियों को कमजोर पेड़ों को काटने का निर्देश दूंगा क्योंकि मानसून के दौरान ऐसी त्रासदी दोबारा होने का खतरा है।’’
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