न्यूयॉर्क, 16 अगस्त 2025 (भाषा)
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि हो सकता है कि अमेरिका रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखने वाले भारत पर द्वितीयक शुल्क नहीं लगाए। ऐसी आशंकाएं थीं कि यदि अमेरिका ने द्वितीयक शुल्क लागू किया तो उससे भारत प्रभावित हो सकता था।
डोनाल्ड ट्रंप ने कही ये बड़ी बात
ट्रंप ने शुक्रवार को कहा, ‘‘खैर, उन्होंने (रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने) एक तेल ग्राहक खो दिया, जो भारत है, जो लगभग 40 प्रतिशत तेल का आयात कर रहा था। चीन, जैसा कि आप जानते हैं, बहुत अधिक (आयात) कर रहा है… और अगर मैंने ‘द्वितीयक प्रतिबंध’ या ‘द्वितीयक शुल्क’ लगाया तो यह उनके लिए बहुत विनाशकारी होगा। अगर मुझे यह करना पड़ा, तो मैं करूंगा। शायद मुझे यह करना न पड़े।’’
डोनाल्ड ट्रंप और पुतिन की बैठक
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह बयान पुतिन के साथ एक महत्वपूर्ण शिखर बैठक के लिए अलास्का जाते समय ‘एयर फ़ोर्स वन’ (विशेष विमान) में ‘फॉक्स न्यूज’ को दिया। यह बैठक रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए बिना किसी भी सहमति के समाप्त हो गई।
ट्रंप और पुतिन के बीच सम्बन्ध ठीक नहीं तो लग सकता है भारत पर टैरिफ
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने बुधवार को कहा था कि यदि शिखर बैठक में ट्रंप और पुतिन के बीच ‘‘चीजें ठीक नहीं रहीं’’, तो रूसी तेल खरीदने की वजह से भारत पर द्वितीयक शुल्क लग सकते हैं। ‘‘हमने रूसी तेल खरीदने के लिए भारतीयों पर द्वितीयक (अतिरिक्त) शुल्क लगा दिया है। मुझे लगता है कि अगर चीजें ठीक नहीं रहीं, तो अतिरिक्त शुल्क बढ़ सकते हैं।’’
प्रतिबंधों में बढ़ोतरी या कटौती की संभावना के बारे में पूछे जाने पर बेसेंट ने कहा, ‘‘प्रतिबंध बढ़ाए जा सकते हैं, उन्हें कम किया जा सकता है। उनकी एक निश्चित अवधि हो सकती है। वे अनिश्चितकाल तक जारी रह सकते हैं।’’
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