भोपाल, 16 जून 2026 (भाषा)
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को परंपरागत वीआईपी प्रोटोकॉल से हटकर भोपाल की भीमनगर बस्ती की संकरी गलियों में इलेक्ट्रिक स्कूटर चलाकर 12वीं बोर्ड परीक्षा की प्रदेश टॉपर चांदनी विश्वकर्मा के घर पहुंचकर उसे बधाई दी।
मैं सेना में जाना चाहती हूं : छात्रा
माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपीबीएसई) की 12वीं की परीक्षा में 98.8 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली चांदनी फर्नीचर का काम करने वाले एक श्रमिक की पुत्री हैं। मुख्यमंत्री ने चांदनी और उसके परिजनों से मुलाकात की तथा छात्रा से उसके भविष्य के लक्ष्य के बारे में पूछा। इस पर चांदनी ने कहा, ‘‘मैं सेना में जाना चाहती हूं।’’
छात्रा की मां विमला आईं भावुक नजर
मुख्यमंत्री ने बाद में कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद चांदनी ने कठिन परिश्रम, समर्पण और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है, जो प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। छात्रा के घर पर मुख्यमंत्री ने उसके माता-पिता से भी बातचीत की और चांदनी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान छात्रा की मां विमला भावुक नजर आईं। मुख्यमंत्री ने परिवार के साथ एक ‘सेल्फी’ भी ली।

आर्मी में लेफ्टिनेंट बनना सपना
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद चांदनी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने उन्हें बताया कि मेरा सपना सेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा करना है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं लेफ्टिनेंट बनना चाहती हूं। मुख्यमंत्री ने मुझे आशीर्वाद दिया है कि मैं अपना लक्ष्य हासिल करूं।’’
इलेक्ट्रिक वाहन के उपयोग को भी दिया बढ़ावा
मुख्यमंत्री यादव ने इस अवसर पर इलेक्ट्रिक वाहन के उपयोग को भी बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें ई-स्कूटर चलाकर छात्रा के घर पहुंचने का अनुभव अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों और यात्राओं में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग ईंधन संरक्षण के महत्व को रेखांकित करता है तथा लोगों को पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के लिए प्रेरित करता है।
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