नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर 2025 (भाषा)
अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने शुक्रवार को कहा कि काबुल द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के लिए चरणबद्ध प्रयासों के तहत भारत में राजनयिकों को भेजेगा। उन्होंने यह भी कहा कि तालिबान अफगानिस्तान की धरती का अन्य देशों के विरूद्ध इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा।
मुत्तकी छह दिवसीय यात्रा पर पहुंचे दिल्ली
आमिर खान मुत्तकी बृहस्पतिवार को छह दिवसीय यात्रा पर नयी दिल्ली पहुंचे। अफगानिस्तान में चार साल पहले तालिबान द्वारा सत्ता हथियाने के बाद वह भारत आने वाले पहले वरिष्ठ तालिबान मंत्री हैं। भारत ने अभी तक तालिबान को मान्यता नहीं दी है।विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ व्यापक बातचीत के बाद, अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने कुछ पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान भारतीय कंपनियों को अपने देश के खनन, खनिज और ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया।

क्यों हैं मुत्तकी की भारत यात्रा महत्वपूर्ण?
मुत्तकी ने ईरान में चाबहार बंदरगाह के विकास में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए भारत और अफगानिस्तान के मिलकर काम करने की भी वकालत की क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने इस बंदरगाह पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। मुत्तकी की भारत यात्रा इसलिए और भी महत्वपूर्ण हो गई क्योंकि यह ऐसे समय में हुई है जब भारत और अफगानिस्तान दोनों के सीमा पार आतंकवाद समेत कई मुद्दों पर पाकिस्तान के साथ संबंध तनावूपर्ण हैं।
जल्द ही आएंगे काबुल के राजनयिक नयी दिल्ली
मुत्तकी ने कहा कि काबुल जल्द ही अपने राजनयिकों को नयी दिल्ली भेजेगा। उन्होंने कहा, ‘‘विदेश मंत्री (एस. जयशंकर) ने कहा है कि आप अभी नयी दिल्ली में राजनयिक भेज सकते हैं। जब हम वापस जायेंगे, तो हम लोगों का चयन करेंगे और उन्हें भेजेंगे।’’ मुत्तकी के साथ अपनी बैठक में जयशंकर ने काबुल में भारत के तकनीकी मिशन को दूतावास का दर्जा देने की घोषणा की। यह पूछे जाने पर कि क्या तालिबान शासन कोई राजदूत नियुक्त करेगा, मुत्तकी ने कहा,‘‘हम अब राजनयिक भेजेंगे और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ेंगे।’’
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