उत्तरकाशी, 06 अगस्त 2025 (भाषा)
उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के आपदाग्रस्त धराली गांव में मलबे से बचाव दलों ने बुधवार को एक शव बरामद कर लिया जबकि भारी बारिश के बीच जारी राहत एवं तलाश अभियान में 150 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
उत्तरकाशी बादल दुर्घटना
मंगलवार दोपहर बाद बादल फटने से खीरगंगा नदी में आयी भीषण बाढ़ में करीब आधा गांव तबाह हो गया था। धराली गंगोत्री धाम से करीब 20 किलोमीटर पहले पड़ता है और यात्रा का प्रमुख पड़ाव है। भूस्खलन से धराली जाने वाली सड़कें अवरुद्ध हैं जिससे वहां फंसे लोगों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, विनाशकारी बाढ़ में चार लोगों की मृत्यु हो गयी। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाढ़ में 50 से अधिक लोग लापता हो सकते हैं क्योंकि पानी के अचानक आने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का मौका ही नहीं मिला।
मलबे से एक और शव बरामद
उत्तरकाशी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, मलबे से एक शव बरामद हो गया है जिसकी पहचान धराली के रहने वाले 32 वर्षीय आकाश पंवार के रूप में हुई है।
लापता लोगों में 11 सैनिक शामिल
लापता लोगों में निकटवर्ती हर्षिल में प्रभावित हुए सेना के एक शिविर के 11 सैनिक भी शामिल हैं। सैनिकों के लापता होने और बेस के प्रभावित होने के बावजूद टीम पूरे साहस और दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही है।
गंगोत्री धाम में लगभग 400 यात्री सुरक्षित
जिला केंद्र ने बताया कि वर्तमान में गंगोत्री धाम में लगभग 400 यात्री हैं, जो सुरक्षित हैं। उत्तरकाशी में जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के एक अधिकारी ने बताया कि गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई जगहों पर भूस्खलन से अवरुद्ध है और 200 से ज़्यादा बचाव कर्मियों की एक संयुक्त टीम भटवाड़ी में मार्ग खुलने का इंतज़ार कर रही है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंगनानी से आगे लिमच्छा गाड़ बरसाती नाले पर बना एक पुल बाढ़ में बह गया, जिससे धराली जा रही बचाव कर्मियों की एक टीम रास्ते में ही फंस गयी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने धामी से की फोन पर बात
इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने धामी से फोन पर बातचीत कर धराली में आयी प्राकृतिक आपदा तथा वहां चल रहे बचाव एवं राहत कार्यों की जानकारी ली।
धामी ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य सरकार पूरी तत्परता से बचाव एवं राहत कार्यों में जुटी हुई है लेकिन लगातार भारी बारिश के कारण कुछ कठिनाइयां आ रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं ताकि पीड़ितों को तुरंत सहायता मिल सके।
धामी ने स्थिति की ली जानकारी
मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर से बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का सर्वेक्षण किया। उसके बाद उन्होंने उत्तरकाशी आपदा नियंत्रण कक्ष से राहत एवं बचाव कार्यों की गहन समीक्षा की । धामी ने प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और सेना के प्रतिनिधियों से भी स्थिति की जानकारी ली और उन्हें राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
धामी ने ‘पीटीआई-वीडियो’ को बताया, ‘‘बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। सेना, आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गयी है। करीब 70—80 लोगों को बचा लिया गया है…एक सड़क अवरुद्ध है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी मौके की ओर रवाना हो चुके हैं। यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है क्योंकि अब भी वहां बारिश हो रही है।’’
धामी ने कहा कि भोजन और दवाइयों की व्यवस्था की गयी है और राशन बांटने और उस पर निगरानी के लिए तीन पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों समेत 160 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है।
फंसे हुए लोगों को बचाने हेतु एमआई-17 औैर चिनूक हेलीकॉप्टरों तैयार
फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए भारतीय सेना ने एमआई-17 औैर चिनूक हेलीकॉप्टरों को तैयार रखा हुआ है जो मौसम साफ होते ही उड़ान भरेंगे।
राहत और बचाव अभियान जारी
‘14 राज रिफ’ के कमांडिंग अधिकारी कर्नल हर्षवर्धन 150 सैनिकों की अपनी टीम के साथ मौके पर राहत और बचाव अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। अधिकारियों ने यहां बताया कि आपदा में हुए जानमाल के भारी नुकसान को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों तथा क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की तत्काल मरम्मत के लिए राज्य आपदा मोचन निधि से 20 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गयी है।

अस्पतालों में 280 जनरल बेड तथा 90 आईसीयू बेड किए आरक्षित
आपदा के मद्देनजर देहरादून और ऋषिकेश के प्रमुख अस्पतालों में आईसीयू सहित बिस्तर आरक्षित कर दिए गए हैं। प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव आर. राजेश कुमार ने बताया कि देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज, कोरोनेशन अस्पताल और ऋषिकेश एम्स में 280 जनरल बेड तथा 90 आईसीयू बेड आरक्षित कर दिए गए हैं ताकि आपदाग्रस्त क्षेत्र से लाए जाने वाले घायलों को तत्काल उपचार मिल सके।
अन्य राष्ट्रीय खबरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

